जिले में ज्यादातर नर्सिंग होम अस्पताल मानक के विपरीत चल रहे हैं- डॉ धर्मवीर तिवारी

सोनभद्र। जनपद में जितना भी नर्सिंग होम अस्पताल चल रहा है उनमें से ज्यादातर मानक के विपरीत हैं। पिछले दिनों नर्सिंग होम में जिस तरह से मौतें हुई और जांच में मानक विहीन अवैध अस्पताल घोषित हुए हैं। उसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुछ दिनों के लिए अस्पताल सील कर बाद में खोल दिया गया। इन सब के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी जिम्मेदार हैं। उक्त बातें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ धर्मवीर तिवारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही है।

श्री तिवारी का कहना है कि मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा भ्रष्टाचारियों का एक संगठित गिरोह चलाया जा रहा है। जिले में बहुतेरे ऐसे नर्सिंग होम अस्पताल चल रहे हैं जो प्रदूषण व अग्निशमन विभाग द्वारा एनओसी जारी किये बिना अस्पताल खोलने का लाइसेंस जारी कर दिया गया।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने कहा कि जनपद में 114 रजिस्टर्ड नर्सिंग होम है जो मानक के अनुरूप नहीं है, जिनकी फायर की एनओसी सिर्फ 70 की है । पैथोलॉजी सेंटर बिना मानक के चलाए जा रहे हैं तथा खुलेआम मुख्य चिकित्साधिकारी और नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी द्वारा सोनभद्र के गरीब लोगों को मौत बांटी जा रही है जिसके पूर्ण रूप से जिम्मेदार मुख्य चिकित्साधिकारी और नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी हैं। जब नर्सिंग होम का मानक पूर्ण नहीं है और फायर व प्रदूषण की एनओसी नहीं है तो उसका रजिस्ट्रेशन आखिर कैसे हो जा रहा है। इससे साफ है कि सुविधा शुल्क लेकर नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।

इतना ही नहीं नर्सिंग होम में जो ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं वह पूर्णतया मानक के विपरीत है। पिछले महीने दो नर्सिंग होम सील किए गए थे उन्हें सुविधा शुल्क लेकर खोल दिया गया। जिले में ऐसे 18 नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सेंटर सील किए गए थे जिन्हें सुविधा शुल्क लेकर मानक के विपरीत होने पर भी उसे खोल दिया गया और मौत बेचने की खुली छूट दी गई है। ऐसे मुख्य चिकित्साधिकारी और नोडल अधिकारी के ऊपर मुकदमा दर्ज होना चाहिए जो सरकार को बदनाम करने का कार्य कर रहे हैं। धर्मवीर तिवारी ने कहा कि मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा अपने उच्चाधिकारियों को गलत फीडबैक दिया जाता है जो शिकायत करता है उसके बारे में फर्जी बयान जारी करके सीएमओ द्वारा छवि खराब की जाती है । उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्साधिकारी के संपत्ति की जांच भी होनी चाहिए, जिन्होंने फर्जी नर्सिंग होम मानक के विपरीत चलवा कर अवैध संपत्ति अर्जित की है। सरकार को बदनाम करने की कोशिश में अधिकारी ऐसे भ्रष्ट नोडल की नियुक्ति की है जिनके ऊपर पहले से प्राथमिकी दर्ज हुई है और वे जेल भी गए थे।
श्री तिवारी ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में हुई मौत में स्पष्ट रूप से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही दिखी है। अपनी गलती छुपाने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी फर्जी आरोप लगाते हैं ऐसे भ्रष्ट अधिकारी की शिकायत जिलाधिकारी महोदय से मिलकर किया गया है ।
उन्होंने कहा कि वीरू फौजी नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सेंटर मानक के विपरीत हैं जो इस संगठित गिरोह के द्वारा चलाया जा रहा है, उसे बंद करके प्राथमिकी दर्ज कराई जानी चाहिए ।

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संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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