सोनभद्र। जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ धर्मवीर तिवारी ने स्वास्थ्य मंत्री माननीय बृजेश पाठक को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया है। डॉ धर्मवीर तिवारी ने सोनभद्र के स्वास्थ्य व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सीएमओ द्वारा खुलेआम भ्रष्ट अफसरों को संरक्षण दिया जा रहा है। जिस तरह से बार -बार नर्सिंग होम और प्राइवेट डाक्टरों के नोडल बदले जा रहे हैं उससे भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। वर्तमान नोडल के ऊपर कई बार पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। उन्होंने कहा कि सीएमओ द्वारा बिना रजिस्ट्रेशन के नर्सिंग होम और क्लीनिक चलाए जा रहे हैं जिस में आए दिन जिले में मौत हो रही हैं।

पूर्व जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत करने पर पहले नर्सिंग होम को सील किया जाता है और सुविधा शुल्क लेकर नर्सिंग होम को पुनः चालू कर दिया जाता है । कुछ दिन पूर्व कई नर्सिंग होम पर छापेमारी की कार्यवाही कर वाहवाही लूटी गई और बाद में उन्हें फिर से खोलने का आदेश जारी कर दिया गया। अब तक जितने भी नर्सिंग होम या हॉस्पिटल सील किए गए किसी का भी रजिस्ट्रेशन रद्द नहीं किया गया और आए दिन मौत हो रही है। ऐसे गंभीर मामलों में सीएमओ द्वारा लगातार भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दिया जा रहा है जिससे सरकार की छवि आम जनमानस में खराब हो रही है।

उन्होंने कहा कि सीएमओ द्वारा भ्रष्ट अफसरों का एक संगठित गिरोह बनाकर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को धरासायी करने का प्रयास किया जा रहा है। इतना ही नहीं सीएससी-पीएससी सेंटरों पर मरीज तो जा रहे हैं लेकिन डॉक्टर नहीं मिल रहे, जिन्हें मुख्यालय आना पड़ता है। जिससे उनको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर ड्यूटी समय पर खुलेआम घूमते हुए नजर आ जाएंगे और शिकायत करने पर उच्चाधिकारियों को गलत तरीके से फीडबैक दिया जाता है। धर्मवीर तिवारी ने कहा कि जिले में कई ऐसे सेंटर हैं जहां डॉक्टरों की कमी है, वहीं कई डॉक्टर आज तक जॉइन तक नहीं किये घर बैठे वेतन ले रहे हैं । ऐसे लोगों के खिलाफ जांच करके कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सोनभद्र के ग्रामीण अंचलों में अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के द्वारा सेवा कार्य किया जा रहा है लेकिन सीएमओ के संरक्षण वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। गंभीर व अज्ञात बीमारियों से जितने लोग मर रहे हैं उसके लिए जिम्मेदार पूर्ण रूप से मुख्य चिकित्सा अधिकारी हैं। धर्मवीर तिवारी ने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यो की जांच करते हुए उनके द्वारा गुरु प्रसाद को नोडल किन परिस्थितियों में बनाया गया उसकी भी जांच करते हुए फर्जी नर्सिंग होम और जांच केंद्रों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। ताकि सरकार की छवि धूमिल ना हो और जनता को अस्पताल से वापस ना जाना पड़े।



