
(जिला संवाददाता)
ओबरा, सोनभद्र। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा में सेवा पखवाड़ा के तहत सोमवार को विविधता में एकता : एक भारत, श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के अंतर्गत संगोष्ठी तथा फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) प्रमोद कुमार ने बताया कि विश्व मे भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहाँ भाषा, संस्कृति, खानपान, परिधान इत्यादि के संदर्भ में सबसे ज्यादा विविधता पाई जाती है और यही हमारी एकता का आधार स्तंभ है।

वही कार्यक्रम का संचालन कर रहे इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ० संतोष कुमार सैनी ने देश के हर एक राज्य की विशेषताये, खान – पान, वेशभूषा, रहन – सहन, एवम सांस्कृतिक विविधताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि परस्पर सहयोग, मेलजोल, सांस्कृतिक आदान – प्रदान, आपसी प्रेम, सदभाव एवम राष्ट्रीयता की भावना के द्वारा ही हम सब इन विविधताओं के बाद भी एक है, अखंड है, तथा श्रेष्ठ भारत देश के अंग है।

इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ० महीप कुमार ने पीपीटी स्लाइड के माध्यम से भारतवर्ष के विभिन्न राज्यो की भाषा, वेशभूषा, लोक नृत्य, व्यंजन एवं स्मारको पर फोटो प्रदर्शनी का आयोजन करते हुए उस पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर राजनीतिशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ० महेंद्र प्रकाश ने विविधता को परिभाषित करते हुए आचार्य विनोबा भावे के कथन को बताया कि जिस प्रकार हाँथ की पांचो उंगलिया एक समान नही होती फिर भी सब मिल कर मुठ्ठी बनाती है, उसी प्रकार तमाम विविधताओ के बावजूद भी हम सभी एक है तथा हम सब मिलकर श्रेष्ठ एवम अखंड भारत का निर्माण करते है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रमोद कुमार केसरी, कुमारी आशा, शिवानी सिंह, गरिमा सिंह, हर्षिता पांडे, अर्पिता पांडे, हरिओम यादव, धीरज यादव, मुकेश यादव, आशीष, विनय केसरी सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





