HIGHLIGHTS
- उत्तम स्वास्थ्य एवं उसके लिए आवश्यक पोषक तत्वो तथा पौष्टिक आहार विषयक संगोष्ठी एवं सेमिनार का का हुआ आयोजन
- संगोष्ठी व सेमिनार में भारी संख्या में उपस्थित रहे पीजी कॉलेज ओबरा के छात्र-छात्राएं

(जिला संवाददाता)
सोनभद्र। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत खाद्य एवं पोषण बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे हैं पोषण सप्ताह के अंतर्गत बुधवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा मे इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सैनी के संयोजकत्व में उत्तम स्वास्थ्य एवं उसके लिए आवश्यक पोषक तत्वो तथा पौष्टिक आहार विषयक संगोष्ठी एवं सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमे छात्र छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।

वही कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. संतोष कुमार सैनी ने कहा कि “उत्तम स्वास्थ्य ही हमारा वास्तविक धन है” तथा “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।” ऐसे में उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति पोषक तत्वों एवं पौष्टिक आहारो को सही समय पर समुचित मात्रा में लिए बिना संभव नहीं है। पौष्टिक आहार के अभाव में पोषक तत्वों की कमी से हमारा शरीर असमय ही गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाता है, जिससे हमारा सर्वांगीण विकास अवरुद्ध हो जाता है, जिसका प्रभाव हमारे देश के विकास एवं नव निर्माण में पड़ना स्वाभाविक ही है।

डॉ. सैनी ने उत्तम स्वास्थ्य एवं सर्वांगीण विकास के लिए पोषक तत्वो एवं पौष्टिक आहार के साथ-साथ संतुलित एवं संयमित दिनचर्या, योगासन, खेल एवं स्वस्थ मनोरंजन को भी स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक बताया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में हम जीभ के स्वाद के चक्कर में पड़कर पौष्टिक आहार से दूर होते जा रहे हैं। साथ ही हमारी जीवनचर्या भी अनियमित होती जा रही है, जिसका दुष्प्रभाव हम सब के स्वास्थ्य पर पढ़ रहा है। अतः आवश्यकता है कि हम जीभ के स्वाद के बजाय शरीर के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक पोषक तत्वों से भरे पौष्टिक आहार का सेवन करें तथा संतुलित एवं संयमित दिनचर्या अपनाएं।

इस दौरान विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर (डॉ.) राधाकांत पांडे कहा कि हम पश्चिमी अंधानुकरण करते हुए अपने मौलिक खानपान से दूर होते जा रहे हैं जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। अर्थशास्त्र के प्राध्यापक डॉ. अमूल्य कुमार सिंह ने खाने मे हरी एवम पत्तेदार सब्जियों, टमाटर, चुकंदर, मूली,गाजर, आंवला, नींबू, संतरा, दूध, फल इत्यादि उचित मात्रा में खाने की सलाह दी । वही हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. रंजीत सिंह जी ने बताया कि हमें अपने शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ अपने चरित्र को भी उत्तम बनाना चाहिए, तभी हम अपना वास्तविक विकास कर पाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में डॉ.महीप कुमार ने सेमिनार में उपस्थित सभी अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के कार्यालय अधीक्षक प्रमोद केसरी, धर्मेंद्र कुमार, कुंदन, अर्चना, संगीता प्रजापति, गीता यादव, अंकिता साहू, अनीता कुमारी, शालिनी, आकांक्षा द्विवेदी, अर्पित देव,
प्रज्ञा, अंकिता, अंजलि, साधना यादव, रीमा यादव, शिद्रा सिद्दीकी, प्रतिभा यादव, पूजा कुमारी, पूजा यादव, आशीष कुमार , भूमिका सोनी, खुशी वर्मा, उमा, रिंकी, मानसी यादव, काजल ज्योति, आशा, हर्षिता, अर्पिता, शिवानी, गरिमा, प्रियंका कुमारी, सुहानी, प्रकाश कुशवाहा, विमलेश, अनिल कुमार, आशीष कुमार, शिवम देव पांडे, दीपक कुमार सहित अन्य छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।






