सोनभद्र। बनवासी सेवा आश्रम के फरीपान केंद्र पर एक दिवसीय जैविक खेती के प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसमें तीन गांव फरीपान, सागोबांध व विश्रामपुर के 70 महिलाएं शामिल हुई। मुख्य प्रशिक्षक नीरा बहन ने प्रशिक्षण में समूह को मजबूत करने के लिए ध्यान देने वाली बातों पर चर्चा की। वाटरशेड परियोजना के प्रबन्धक विमल भाई ने रोजगार की संभनाओं पर चर्चा किया। उन्होंने कहा समूह के माध्यम से पशुपालन, बकरीपालन, मछलीपालन, मशरूम उत्पादन, दोना पत्तल, पापड़ बनाने जैसे रोजगार शुरू किया जा सकता है। सुभाषचन्द्र ने वैज्ञानिक खेती कर जीविकोपार्जन बढ़ाने की बात कही। प्रोग्राम कोआर्डिनेटर रमेश भाई ने वाटरशेड योजना विस्तार से चर्चा किया।

देवनाथ ने गांव में फैल रहे सामाजिक बुराई – युवाओं में नशाखोरी, शौचालय प्रयोग, प्लास्टिक का सही निस्तारण, जंगल संरक्षण जैसे मुद्दों, पर चर्चा किया। महिलाओं का अपने वार्ड सभा व ग्राम सभा में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर योजना बनी।
इसके पूर्व प्रशिक्षण का शुभारम्भ ” दिल्ली ना जाईबे भईया लखनऊ ना जाईबे, गऊवें में योजना बनईबे हो भईया! गीत से हुआ। वही कार्यक्रम का संचालन कलस्टर कोआर्डिनेटर रमेश ने किया।
प्रशिक्षण में मुख्य रूप से रामलखन जंगली, विशाल, बेचनराम, देवमती, कलावती, मीनादेवी, प्रेमा देवी, संगीता, सुनीता, अभिषेक कुमार, चेतनारायणआदि उपस्थित रहे।






