
सोनभद्र। विगत 28 अगस्त की शाम लगभग 7:30 बजे एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय हिंदी दैनिक समाचार पत्र के जिला ब्यूरो अजीत सिंह पर आपराधिक तत्वों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले की जानकारी तत्काल पत्रकार ने स्थानीय थाना ओबरा को दी जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन पुलिस प्रशासन के पहुंचने से पहले ही अपराधी नौ दो ग्यारह हो चुके थे। फिर मामला थाने जा पहुंचा। पत्रकार अजीत सिंह ने बताया कि जब कोतवाल मिथिलेश मिश्रा को अपराधियों का नाम संज्ञान में आया तो कोतवाल साहब द्वारा मामले में लीपापोती करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि कोतवाल साहब के सामने एक गंभीर समस्या खड़ी हो गई कि हमला पत्रकार पर हुआ था इसलिए मामला भी दर्ज करना था और अपराधियों के साथ पुलिस विभाग की अच्छी सांठगांठ होने के कारण अपराधियों को बचाना भी था। पीड़ित पत्रकार अजीत सिंह ने बताया कि कोतवाल मिथिलेश मिश्रा ने मुझ पर दबाव बनाते हुए अपनी इच्छानुसार लिखित आवेदन पत्र लिखवाकर सामान्य धाराओं के अंतर्गत मामला पंजीकृत कर लिया गया तथा दिखावे के लिए कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई लेकिन सामान्य धाराएं होने के कारण अपराधी अगले दिन ही जमानत पर छूटकर पुनः मेरे और मेरे परिवार को जान से मारने की लगातार धमकी दे रहे हैं। जिससे कि पूरा परिवार डरा व सहमा हुआ है तथा अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहा है।

ओबरा पुलिस कि इस प्रकार की कार्यप्रणाली को देख सोनभद्र के पत्रकारों में आक्रोश है और इस पूरे मामले में धारा बढ़ाने की मांग को लेकर पत्रकारों का समूह पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा लेकिन पुलिस कप्तान डॉ. यशवीर सिंह की व्यस्तता के कारण पीड़ित पत्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया गया तथा पत्रकार को सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया। सूत्रों के अनुसार पत्रकार पर हमला करने वाले आरोपी रिक्की अग्रवाल अल्तमस, शेरा और शुभम् यह सभी ओबरा थाने के हिस्ट्रीशीटर बदमाश हैं और इनकी पहुंच सिर्फ प्रशासन तक ही नहीं बल्कि शासन में बैठे हुए राजनैतिक नेताओं से भी हैं।




