भाजपाइयों ने सुनी प्रधानमन्त्री मोदी की मन की बात

HIGHLIGHTS

  • रविवार को भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मवीर तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओ के साथ पीएम की मन की बात रेडियो पर सुनी गई।
हर्षवर्धन केसरवानी
(जिला संवाददाता)

सोनभद्र। रविवार को भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मवीर तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओ के साथ जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज के मध्य स्थित राम सरोवर तालाब पर देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात रेडियो पर सुनी गई। इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से अमृत महोत्सव के साथ-साथ बीते दिन आयोजित किए गए तिरंगे अभियान की भी चर्चा की।

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संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को मोटे अनाज का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष घोषित किया। पीएम मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने एक प्रस्ताव पारित कर वर्ष 2023 को International Year of Millets घोषित किया है। आपको ये जानकर भी बहुत खुशी होगी कि भारत के इस प्रस्ताव को 70 से ज्यादा देशों का समर्थन मिला था। आज, दुनिया भर में इसी मोटे अनाज का का क्रेज बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि मोटे अनाज प्राचीन काल से ही हमारी खेती, संस्कृति और सभ्यता का हिस्सा रहे हैं।
मोटे अनाजों को अधिक से अधिक उपजाएं और फायदा उठाएं किसान। पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत, विश्व में बाजरा का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, इसलिए इस पहल को सफल बनाने की बड़ी जिम्मेदारी भी हम भारत-वासियों के कंधे पर ही है। हम सबको मिलकर इसे जन-आंदोलन बनाना है, और देश के लोगों में मोटे अनाजों के प्रति जागरूकता भी बढ़ानी है। मेरा, अपने किसान भाई-बहनों से, यही आग्रह है कि बाजरा, यानी मोटे अनाज को, अधिक से अधिक अपनाएं और इसका फायदा उठाएं।

पीएम मोदी ने कहा कि आप कल्पना कर सकते हैं, क्या कुपोषण दूर करने में गीत-संगीत और भजन का भी इस्तेमाल हो सकता है? मध्य प्रदेश के दतिया जिले में “मेरा बच्चा अभियान”, इस “मेरा बच्चा अभियान” में इसका सफलतापूर्वक प्रयोग किया गया। इसके तहत, जिले में भजन-कीर्तन आयोजित हुए, जिसमें पोषण गुरु कहलाने वाले शिक्षकों को बुलाया गया। एक मटका कार्यक्रम भी हुआ, इसमें महिलाएं, आंगनबाड़ी केंद्र के लिए मुट्ठी भर अनाज लेकर आती हैं और इसी अनाज से शनिवार को ‘बालभोज’ का आयोजन होता है। इससे आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ने के साथ ही कुपोषण भी कम हुआ है।
कुपोषण दूर करने में गीत-संगीत और भजन का भी इस्तेमाल हो सकता है
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में “मेरा बच्चा अभियान” ने इसका सफलतापूर्वक प्रयोग किया गया। इससे आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ने के साथ ही कुपोषण भी कम हुआ है।

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उन्होंने आगे कहा कि पूरे देश भर में मनाए जा रहे अमृत महोत्सव के ये रंग, केवल भारत में ही नहीं, बल्कि, दुनिया के दूसरे देशों में भी देखने को मिले। बोत्स्वाना में वहां के रहने वाले स्थानीय गीतकारों ने भारत की आजादी के 75 साल मनाने के लिए देशभक्ति के 75 गीत गाए। इसमें और भी खास बात ये है, कि ये 75 गीत हिन्दी, पंजाबी, गुजराती, बांग्ला, असमिया, तमिल, तेलुगू, कन्नड़ा और संस्कृत जैसी भाषाओं में गाए गए हैं। पीएम की मन की बात सुनने वालों मे सभासद विनोद सोनी, अखिलेश कश्यप, ध्रुवकांत द्रिवेदी, राहुल शर्मा, रवि केसरी सत्यम सोनी, योगेश, विनोद जैसवाल,अभय, स्वयं, लव कुश, संजय, झुरी, अंकित, बबलू, बाबू, विवेक सोनी, शेरू, राजेंद्र चौरसिया सहित अन्य लोग रहे।

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संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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