संतोष दयाल
गोविंदपुर, सोनभद्र। बनवासी सेवा आश्रम के चार ब्लॉको के 236 राजस्व गांव और 435 ग्राम स्वराज्य सभाओं के माध्यम से त्रिस्तरीय ढांचे के माध्यम से कार्य करने की पद्धति को गहराई से समझने के लिए गुरुवार को मिर्जापुर और अपने जिले के चोपन क्षेत्र के 35 यूवाओ ने ग्रामीण युवा मंच के बैनर तले आश्रम का भ्रमण कर खादी ग्रामोधोग,जैविक खेती,सिंचाई व्यवस्था और ग्रामीण आजीविविका के स्रोत, पर्यावरण सरक्षण,के कार्य देखा और विशेषज्ञों से जानकारी हासिल की।

इस दौरान जैविक खेती के जानकार और प्रयोग कर्ता शिव शरण सिंह ने बताया की आजादी के बाद सोनभद्र तत्कालीन मिर्जापुर जिले में 84 फीसदी जंगल था जो घट कर अब 45 फीसदी रह गया है।जंगलों का सरंक्षण करने से ही प्रकृति का स्वास्थ्य सही रहेगा। उन्होंने जैविक खेती के तरीके और जैविक खाद बनाने की जानकारी दी।साथ ही बाल वाली खाद से घरू बगिया में सब्जी उगाने की सलाह दी।विमल भाई और देवनाथ सिंह ने भूमि हकदारी मोर्चा आंदोलन शराब बंदी आंदोलन की जानकारी दी और बताया की कानून खुद पीड़ित के दरवाजे पर आया यह भारतीय इतिहास की बहुत बड़ी उपलब्धि है। सर्वे सेटलमेंट के दौरान भौमिक अधिकार मिले। कच्ची शराब के ठेके बंद कराए गए।

कहा कि यूवाओ को रचनात्मक कार्य करना चाहिए।इसके लिए स्वाध्याय और शैक्षिक भ्रमण जरूरी है।यूवाओ को गलत का विरोध अहिंसात्मक आंदोलनों के जरिए करना होगा। हिंसा वाला आंदोलन कभी सफल नहीं होते। उससे राष्ट्र को ही हानि पहुचता है। जगत भाई ने नदियों और पर्यावरण सरक्षण, उद्योगों के द्वारा रेणुका सोन नदी में प्रदूषण की जानकारी दी। इस मौके पर विनय कुमार सिंह, राज कुमार कुशवाहा, संजय सिंह, सुधा, विभा, दुर्गा, पवन, सुनील आदि उपस्थित रहे।





