R.s.s. ने हर्षोल्लास के साथ मनाया रक्षाबंधन का उत्सव

HIGHLIGHTS

  • कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवकों व माताओं बहनों ने एक दूसरे को रक्षा सूत्र बांधकर सामाजिक समरसता व रक्षा का दिया संदेश
हर्षवर्धन केसरवानी
(संवाददाता)

सोनभद्र। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सोनभद्र द्वारा रविवार की देर शाम बहुत ही धूमधाम व हर्षोल्लास साथ रक्षाबंधन उत्सव जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज स्थित राज बैंक्वेट हाल में मनाया गया। कार्यक्रम में मंचासीन जिला संघचालक हर्ष अग्रवाल व अध्यक्षता सुनील कुमार चौबे ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (काशी प्रांत) के प्रांत बौद्धिक शिक्षण प्रमुख डा0 कुलदीप रहे। उन्होंने कहा कि,भारत वर्ष उत्सव का देश है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सिर्फ 6 उत्सव चुना, जिसमें एक प्रमुख उत्सव रक्षाबंधन उत्सव है, जो रक्षा का संकल्प दिलाता है।

रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन का ही उत्सव नहीं है अपितु राष्ट्र व समाज की रक्षा का संकल्प है, इसलिए परम पवित्र भगवा ध्वज को रक्षा सूत्र बांधते हैं। पौराणिक कथाओं में भी रक्षाबंधन का उल्लेख है। ”आत्मवत सर्व दिव्येशु’ हम सभी में आत्मा का दर्शन करते हैं। हम आजादी का 75 वां वर्ष मना रहे हैं। परिवार व समाज में सभी के लिए सुख दु:ख की चिंता करते थे, सभी लोग सभी की चिंता करते थे। हमारा समाज सबको साथ लेकर चलने वाला है इसके परिणाम स्वरूप हम श्रेष्ठ हो गए। अपने विचारों को लोगों के पास ले जाना,उसको मनवाना एक संघर्ष है।

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उन्होंने का कि रामचरितमानस में भी भगवान श्रीराम को पिता ने गुरुओं को राक्षसों के आतंक से बचाने के लिए सहर्ष सौंप दिया था। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की लीला से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। वर्तमान परिवेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक जामवंत की भूमिका में है, जैसे रामायण में जामवंत जी ने पवन पुत्र हनुमान जी को भुला हुआ बल याद दिलाया था शक्ति का एहसास कराया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विशाल हिंदू समाज को जागृत करने के लिए रक्षाबंधन जैसे उत्सव को प्रतिवर्ष मनाता है कि रक्षा सूत्र में बंधकर एक दूसरे को रक्षा का वचन देते हुए एक विशाल सुदृढ़ समाज का संगठन हो ताकि विधर्मी शक्तियां पराजित हो जाएं। जब तक कल्याण का संकल्प नहीं होगा कार्य पूरा नहीं होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक का संकल्प कल्याण का है। भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि सभी पदार्थों में आत्मवत भाव देखना चाहिए। यही समरसता का भाव हमे समाज में रखना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का संकल्प है कि समाज संघमय हो जाए। जब समाज खड़ा होगा तभी विधर्मी शक्तियों का विनाश होगा।

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वही वहा उपस्थित स्वयंसेवकों व माताओं बहनों ने एक दूसरे को रक्षा सूत्र बांधकर सामाजिक समरसता व रक्षा का संदेश दिया। कार्यक्रम में भोला नाथ मिश्रा, आलोक सिंह, सुरेश केसरी, विभाग प्रचारक प्रवेश, नंदलाल, अवध, जिला प्रचारक दीपक, पंकज पाण्डेय, नीरज सिंह, कीर्तन, नगर प्रचारक सूरज, महेश शुक्ला, सन्तोष, संगम सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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