HIGHLIGHTS
- सेनानियों के इतिहास से सदैव मिलती रहेगी प्रेरणा
- क्रांति दिवस के दिन क्रांति वीरों की स्मृति में क्रांति पथ प्रवेश द्वार का लोकार्पण

(संवाददाता)
सोनभद्र। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में क्रांतिपथ प्रवेश द्वार का भव्य लोकार्पण किया गया। मुख्य अतिथि डॉक्टर अनिल कुमार मौर्य ने क्रांति पथ को देश का गौरव बताते हुए इस मार्ग से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र किया, उन्होंने कहा कि इस पथ से जुड़े सेनानियों के त्याग और बलिदान के किस्से हमे सदैव प्रेरित करते रहेंगे।

आजादी के अमृत महोत्सव में सेनानियों की स्मृतियों को संजोने के लिए उन्होंने कई योजनाएं बनायी हैं जिसका वे शीघ्र क्रियान्वयन करेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी ने नागरिकों से अपील किया कि वे आजादी की वर्षगांठ को धूमधाम से मनाएं लेकिन इस बात का विशेष ख्याल रखें कि तिरँगे का अपमान न हो ।क्रांति पथ के सेनानियों के देशप्रेम के किस्से स्वर्णिम इतिहास के अध्याय बन गए हैं जिससे आनेवाली पीढ़ियों को भी सीख मिलती रहेगी ।
वरिष्ठ पत्रकार विजय शंकर चतुर्वेदी ने क्रांति पथ की ऐतिहासिकता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए आजादी के समय इस मार्ग से जुड़ी घटनाओं का विस्तार से जिक्र करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उल्लेखनीय क्रांति पथ, राबर्ट्सगंज – घोरावल मुख्य मार्ग के छठवें किलोमीटर पर स्थित है जो ऊँचडीह से शुरू होकर करकी में समाप्त होता है।

इस मार्गपर कुल दस सेनानियों के घर हैं। पँ महादेव चौबे, प्रभाशंकर शर्मा, देवेन्द्रनाथ चौबे, गौरीशंकर देव पांडेय, बाल गोविंद पांडेय, अछैवर उपाध्याय, राधाप्रसाद शर्मा, यज्ञनारायण सिंह, गुलाब सिंह व रामप्रताप सिंह भारत माँ की आजादी के लिए सिर पर कफ़न बांध कर निकल पड़े थे।
भाजपा के जिलाध्यक्ष अजीत चौबे ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए क्रांतिपथ की महत्ता पर प्रकाश डाला। राबर्ट्सगंज के ब्लाक प्रमुख ने क्रांतिपथ के सेनानियों को नमन करते हुए इस मार्ग के महत्व को दर्शाती परिचय पट्टिका लगाने की घोषणा की।
सभा की अध्यक्षता कर रहे किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य व शिक्षाविद ओमप्रकाश त्रिपाठी ने अपनी कविता के द्वारा क्रांतिपथ की खूबियों को रेखांकित किया ।
कार्यक्रम का आरंभ मंत्रोच्चार और वेदमंत्रों के बीच नारियल फोड़कर विधिवत पूजन के बाद फीता काटकर क्रांतिपथ द्वार का लोकार्पण किया गया । सैकड़ों लहराते तिरँगे के बीच अतिथियों ने जब तिरँगा रंग के गैस के गुब्बारों को हवा में उड़ाया तो भारत माता की जयकारे और सेनानियों की स्मृति में लग रहे नारों से पूरा परिवेश राष्ट्रीय भावना से ओत प्रोत हो उठा। अतिथियों का स्वागत स्वागत समाजसेवी राकेश त्रिपाठी, अतिथियों का सम्मान ऊंचडीह की ग्राम प्रधान अर्चना त्रिपाठी ने पौधा एवं मुख्य विकास अधिकारी को माँ दुर्गा की प्रतिमा भेंट करके किया। सफाई कर्मचारी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रांति सिंह ने भी अतिथियों को पौधा,अंगवस्त्रम भेंटकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम परिजनों कृपा शंकर चौबे, विजय शंकर चतुर्वेदी, रमा शंकर, शशिभूषण पांडेय, राजेश उपाध्याय , विवेक पांडेय, चंद्रकांत शर्मा सम्मानित किए गए।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक/इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी, समाजसेवी विजय प्रकाश पांडेय, चंद्रकांत शर्मा, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक सहित सैकड़ों की संख्या में स्कूली छात्र और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार भोला नाथ मिश्रा एवं अतिथियों का आभार ज्ञापन समाजसेवी अनुपम त्रिपाठी ने किया।





