प्रशासनिक उपेक्षा के शिकार हैं राबर्ट्सगंज नगर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिला पट्टिका से नाम है नदारद

HIGHLIGHTS

  • नगर में तीन सेनानियों ने लिया था अंग्रेजों से मोर्चा।
  • आजादी के 75 वर्षों बाद भी आज तक नहीं बना इनके नाम का कोई स्मारक।

राबर्ट्सगंज (सोनभद्र): संपूर्ण देश- प्रदेश- में आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, इसके अंतर्गत स्वतंत्र संग्राम सेनानियों के सम्मान में स्मारक, स्मृति द्वार, सड़कों- भवनों का नामकरण, स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े स्थलों का जीर्णोद्धार, सेनानियों के गांव तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में तब्दील करने का जहां एक और तेजी के साथ जिला प्रशासन द्वारा कार्य कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के सेनानियों की अभी तक उपेक्षा की जा रही है। स्वतंत्र भारत का इतिहास में यह बताता है कि मिर्जापुर के दक्षिणांचल के आंदोलन का नेतृत्व सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी व्यापारी रईस नेता बलराम दास केसरवानी ने आदिवासी, जंगली इलाकों में पद यात्राएं कर आम जनता में आजादी का अलख जगाया था।

राबर्ट्सगंज स्थित चाचा नेहरू पार्क में लगा स्तंभ
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आजादी के रजत जयंती वर्ष में जब वर्तमान सोनभद्र मिर्जापुर जनपद का भूभाग था, उस समय नगर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम की पट्टिका चाचा नेहरू बाल उद्यान में लगाई गई थी लेकिन दुर्भाग्य रहा कि इस प्रस्तर पट्टीका से जनपद मिर्जापुर के सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी देशभक्त सेनानी सन 1921 से लेकर 1947 तक स्वाधीनता आंदोलन में अपना तन- मन- धन न्योछावर करने वाले, 15 अगस्त 1947 को नगर में उच्च शिक्षण संस्थान की नीव रखने वाले, स्वतंत्र भारत के रॉबर्ट्सगंज टाउन एरिया के प्रथम अध्यक्ष बलराम दास केसरवानी इनके सहयोगी सरकारी नौकरी से त्यागपत्र देकर नगर से स्वतंत्रता आंदोलन की लड़ाई लड़ने वाले दिल्ली,झांसी, मिर्जापुर जेल में अंग्रेजों की क्रूरता, अत्याचार सहने वाले, सजा काटने वाले, जुर्माना झेलने वाले क्रांतिकारी चंद्रशेखर वैद्य, ब्रिटिश हुकूमत में पटवारी पद से इस्तीफा देकर आंदोलन में कूद पड़ने वाले एवं सत्याग्रह, भारत छोड़ो आंदोलन नगर से सक्रिय भूमिका का निर्वहन करने वाले अली हुसैन उर्फ बेचू के निडरता, निर्भयता की कहानी आज भी लोगों में प्रचलित है कि पराधीनता मे भी राबर्ट्सगंज नगर के दरोगा पुरुषोत्तम सिंह के घर/थाना के सामने खड़े होकर भारत माता की जय का नारा लगाते हुए देश भक्ति गीत गाते थे।

ऐसे इतिहास पुरुषों को जिला प्रशासन मिर्जापुर वर्तमान प्रशासन सोनभद्र भूल चुका है।
इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी ने बताया है कि आजादी की 75 वीं वर्षगांठ जिला प्रशासन सोनभद्र द्वारा हर्ष उल्लास के साथ मनाने का निर्णय लिया है। जिला प्रशासन द्वारा अपनी कार्य योजना में जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के चाचा नेहरू बाल उद्यान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, क्रांतिकारी बलराम दास केसरवानी की मूर्ति, यहां पर अवस्थित गौरव स्तंभ में नगर के सेनानियों का नाम अंकित कराते हुए इनके नाम पर स्मृति द्वार, चौराहा का नामकरण, सेनानियों के आवास के आसपास स्थित तालाबों को अमृत सरोवर में तब्दील करने जैसा कार्य करना चाहिए। ताकि भावी पीढ़ियां इन क्रांतिकारी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों सदकर्मों से शिक्षा प्राप्त कर देश सेवा कर सके।

राबर्ट्सगंज स्थित चाचा नेहरू पार्क में लगा स्तंभ
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संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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