HIGHLIGHTS
- 10 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद
- दहेज में 50 हजार रुपये नकद एवं सोने की चैन की मांग का है आरोप
सोनभद्र। सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए सविता हत्याकांड के मामले में दोषसिद्ध पाकर दोषी पति देवानंद यादव को 10 वर्ष की कैद एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक चोपन थाना क्षेत्र के बिजौरा गांव निवासी शिवमुनि यादव पुत्र स्वर्गीय श्री राम यादव ने चोपन थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी बेटी सविता यादव का विवाह 21 मई 2017 को चोपन गांव निवासी देवानंद यादव पुत्र विजय यादव के साथ हुई थी।

बेटी विदा होकर अपनी ससुराल गई और अपने धर्म का निर्वहन करने लगी। दहेज में 50 हजार रुपये नकद व सोने की चैन की मांग को लेकर बेटी सविता को उसका पति देवानन्द प्रताड़ित करने लगा। इसकी जानकारी बेटी द्वारा दी गई तो कई बार जाकर बेटी के ससुराल वालों को समझाया गया, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इसीबीच 6 दिसंबर 2017 को दामाद देवानन्द ने फोन करके बताया कि सविता बीमार है और आपलोग आ जाइए। जब ससुराल जाकर देखा तो शव पड़ा था। गले में काला निशान था और कई जगह चोट के निशान थे। जिससे साफ जाहिर होता है कि बेटी सविता की हत्या की गई है।

इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी पति देवानन्द यादव को 10 वर्ष की कैद एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने बहस की।






