HIGHLIGHTS
- वैदिक मंत्रोच्चार से आचार्यों ने की पूजा-अर्चना,समूचा स्थल रहा गुंजायमान
- हरिकीर्तन एवं अखंड रामायण सुनने को उमड़ी भीड़
- विशाल भंडारे में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद
- वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर स्थित पसही खुर्द गांव के बगीचे में हुआ आयोजन
सोनभद्र। वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर स्थित पसही खुर्द गांव के बगीचे में वृहस्पतिवार से दो दिवसीय आयोजन सकुशल सम्पन्न हो गया। संत श्री १००८ श्री हरि नारायण आश्रम जी का एक जुलाई को मूर्ति अनावरण करने का कार्यक्रम आचार्यों के जरिए वैदिक मंत्रोच्चार से कराया गया। इस दौरान हरिकीर्तन एवं अखंड रामायण का पाठ भी हुआ। जिसे सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।


इस दौरान आयोजित विशाल भंडारे में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।कार्यक्रम के आयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता वरुण कुमार पाठक ने बताया कि हरिहर राम पाठक उर्फ हरिनारायण आश्रम जी उर्फ मौनी स्वामी जी उनके बाबा जी थे जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे। जिन्होंने कभी भी पेंशन नहीं लिया। जिन्होंने माँ गायत्री जी की 18 वर्षो तक तपस्या इसी बगीचे वाले स्थल पर किया था और बाद में सन्यास धारण करते हुए काशी नगरी में बाबा विश्वनाथ जी के शरण में रहने लगे। जो सोनभद्र के गौरव के प्रतीक हैं। जिसकी स्थापना के लिए शंकराचार्य जी के शिष्य श्री 1008 दंडी स्वामी ओमानंद जी महाराज मठ प्रयागराज के कर कमलों से किया गया।

जिसमें वराणसी से पधारे स्वामी जी के गुरु भाई मधसूदन आश्रम जी भी उपस्स्थित थे। जिसमें सासाराम, प्रयागराज, अकोढ़ि , नटवा कई जनपदों से शिष्य पधारे थे। विहिप नेता सतेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि संत स्वामी हरिनारायण आश्रम जी महाराज उनके बाबा जी थे। उनकी याद में मंदिर का निर्माण कराया गया एव उनकी मूर्ति स्थापित की गई है। बगीचे में बाबा जी की तपोस्थली रही जिसकी वजह से उक्त स्थल पर ही मंदिर का निर्माण कराया गया है। इससे बगीचे की भी रौनक बढ़ गई है। कार्यक्रम में जिले के संघ के जिला सह कार्य वाह भोलानाथ मिश्रा जी, जितेंद्र जी, अनिल जी, कीर्तन जी, संगम जी, प्रमोद जी, मनोज जी, राजेंद्र , कृपानारायण, राजबलि, अमरनाथ, लखनऊ से पधारे पद्माकर मिश्र जी, प्रदीप , राजेश पाठक एडवोकेट, उमेश पांडेय एडवोकेट आदि लोग कार्यक्रम में शामिल रहे।





