HIGHLIGHTS
- रानी दुर्गावती की विशाल प्रतिमा स्थापना करने के लिए लिया गया संकल्प
- चबूतरा के लिए भूमि दान देने वाले भगवंता पठारी के परिजन को किया गया सम्मानितआ
- दिवासी देवता बड़ादेव के पूजन से हुआ कार्यक्रम का आरंभ

(संवाददाता)
सोनभद्र। भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में आदिवासी क्रांतिकारियों, सेनानियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है मुगलों और अंग्रेजो के खिलाफ उन्होंने पहली बार देश में सशस्त्र विद्रोह किया था। क्रांतिकारियों में वीरांगना रानी दुर्गावती का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है, जिन्होंने अदम्य शौर्य, साहस, वीरता का परिचय देते हुए भीषण युद्ध में अकबर सहित अन्य मुस्लिम शासकों के कई बार पराजित किया। अकबर की विशाल सेना से युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुई थी।

आजादी के 75 साल बाद अगर हम भारतीय राजनीति पर गौर करें तो आदिवासी समुदाय के लोग राजनीति के क्षेत्र में शीर्ष स्तर पर है, जिनमें सोनभद्र के सीमावर्ती राज्य झारखंड की पूर्व और प्रथम राज्यपाल द्रोपति मुर्मू का नाम उल्लेखनीय है, वर्तमान समय में एनडीए सरकार ने इन्हें राष्ट्रपति का उम्मीदवार घोषित किया है, कालांतर में देश की प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति होंगी जो हम सभी भारत वासियों के लिए गर्व का विषय है।
उपरोक्त विचार विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक/ इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी ने सदर विकास खंड के ग्राम पंचायत सलखन (नौका टोला,) में महारानी दुर्गावती की 458 वी बलिदान दिवस” के अवसर पर दुर्गावती सेवा समिति के तत्वाधान में देर शाम आयोजित कार्यक्रम गौरव”महासम्मेलन व श्रद्धांजलि समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में अपना विचार व्यक्त किया।

वही कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि रहे पटवध के जिला पंचायत सदस्य सुनील सिंह गोंड उर्फ़ अरविंद कुमार ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि-” वीरांगना रानी दुर्गावती वीरता, साहस, नारी शक्ति, मातृ शक्ति की प्रतीक है। आदिवासी संस्कृति, धर्म, विकास एवं 5 वीं 6 वीं अनुसूची, वनाधिकार कानून के बारे में विस्तृत चर्चा किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आदिवासी संस्कृति के अनुसार धर्माचार तिरुमाल, श्रीराम टेकाम द्वारा बड़ादेव का पूजन से हुआ। तत्पश्चात वीरांगना महारानी दुर्गावती के प्रतिमा पर हल्दी, चावल एवं फूल अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दिया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष एवम ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गुलाब प्रसाद गोंड, अरविंद सिंह गोंड, ओमप्रकाश गोंड, राकेश गोंड, चेत नारायण सिंह गोंड, रामवचन, श्याम रमेश सिंह गोंड, कप्तान गोंड, चुनमुन, सीताराम, विष्णुधर दूबे, लालमन पठारी, सुखनी देवी,अनंती देवी सहित आदि लोग उपस्थित रहे।
वही कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि दीपक कुमार केसरवानी एवं विशिष्ठ अतिथि सुनील सिंह गोंड द्वारा वीरांगना महारानी दुर्गावती स्मारक स्थल हेतु अपनी भूमि दान देने वाले स्वर्गीय भगवन्ता पठारी के परिजन नंदू पठारी को अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया गया।





