सोनभद्र। रविवार को महिला सुरक्षा एवं जन सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष सावित्री देवी द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना म्योरपुर के अंतर्गत नाबालिग लड़की की शादी किये जाने की तैयारी हो रही थी, उक्त सूचना के आधार पर तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला बाल संरक्षण अधिकारी पुनीत टण्डन द्वारा महिला शक्ति केंद्र से जिला समन्वयक साधना मिश्रा, जिला बाल संरक्षण इकाई सोनभद्र से संरक्षण अधिकारी गायत्री दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता रोमी पाठक, ओ आर डब्ल्यू शेषमणि दुबे के टीम का गठन करते हुए निर्देशित किए की तत्काल नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए कृत कार्यवाही से अधोहस्ताक्षरी को अवगत कराना सुनिश्चित करे।

टीम ने थाना म्योरपुर से समन्वय स्थापित करते हुए देर रात्रि विवाह स्थान पर पहुंचे। जहां पर बरात दरवाजे पर आ गयी थी और शादी करने की तैयारी चल रही थी तभी टीम द्वारा बालिका के माता- पिता से बालिका के उम्र के संबंध में साक्ष्य चाहा गया बालिका के उम्र के संबंध में प्राप्त साक्ष्य के आधार पर बालिका की उम्र 16 वर्ष लगभग पाया गया।

टीम द्वारा बालिका के माता, पिता, व अन्य उपस्थित लोगों को बाल विवाह एक कानूनन अपराध है, बाल विवाह से होने वाले हानियों के बारे में भी बताया गया तथा बालिका के माता-पिता व अन्य परिजनों के परामर्श के उपरांत भी बालिका की पुनः एक, दो दिवस व्यतीत होने के उपरांत शादी किए जाने की संभावना प्रतीत हो रही थी जिसके दृष्टिगत टीम द्वारा नाबालिग बालिका को अपने अभिरक्षा में लेते हुए। बाल कल्याण समिति सोनभद्र के समक्ष प्रस्तुत किए जाने हेतु ले जाया गया। टीम द्वारा समिति के आदेशानुसार बालिका को बाल गृह बालिका उरमौरा राबर्ट्सगंज में आवासित करा दिया गया है।





