सोनभद्र। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छह प्रमुख उत्सवों में से एक हिन्दू साम्राज्य दिवस उत्सव रविवार को सभी खण्डों व नगरों में जेष्ठ त्रयोदशी शुक्ल पक्ष को परंपरागत ढंग से मनाया गया। रॉबर्ट्सगंज नगर में जिला कार्यवाह बृजेश, छपका खण्ड का चुर्क में विभाग के समरसता प्रमुख मथुरा प्रसाद, सीनगवां ब्लॉक में सह जिला संघ चालक नंदलाल, करमा खण्ड के पगिया गांव में छपका खण्ड संघचालक भोलानाथ, घोरावल खण्ड में खण्ड संघ चालक गोपी और चतरा खण्ड में नगवां खण्ड संघचालक ओंकार नाथ द्विवेदी का बौद्धिक हुआ।

इस अवसर रॉबर्ट्सगंज नगर के रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में जिला कार्यवाह बृजेश भाई ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि 1674 में मुगलों को परास्त कर शिवाजी राजे आये थे और इसी दिन सम्राट के रूप में उनका राज्याभिषेक हुआ था। 1630 में शिवनेरी दुर्ग में जन्में शिवजी राजे संत तुकाराम, समर्थ गुरु रामदास और माता जीजा बाई से प्रेरणा पाकर मुगलों की भारी सेना के मुकाबले कम सैनिकों को लेकर छापामार और गुरिल्ला युद्ध के सहारे ऐतिहासिक सफलता पाए थे। वे पराक्रम शौर्य व साहस के प्रतिमूर्ति थे ।

गौरतलब हो कि वर्ष प्रतिप्रदा के बाद यह हिन्दू साम्रज्य दिवस दूसरा उत्सव पड़ता है। गुरुपूर्णिमा , रक्षाबंधन, मकर संक्रांति और विजयादशमी उत्सव संघ हर वर्ष मनाता है । इस अवसर पर नगर में जिला संघ चालक हर्ष, कीर्तन, संगम, सत्यरमन, करमा पगिया में खण्ड संघ चालक राजेश्वर देव, खण्ड कार्यवाह दिनेश आदि उपस्थित थे।
भगवा ध्वज लगाकर प्रार्थना की गई और बौद्धिक के पहले एंकर गीत , अमृत वचन आदि कार्यक्रम हुए।






