गीत संग्रह ‘खिलखिलाती वेदना’ का हुआ लोकार्पण

HIGHLIGHTS

  • अद्भुत एवं सराहनीय गीत संग्रह है खिलखिलाती वेदना – डॉ अनिल मिश्र
हर्षवर्धन केसरवानी
(संवाददाता)

सोनभद्र। सोनांचल की माटी में पली बढी कवयित्री रेनू द्विवेदी ‘प्रणीत’ की ‘खिलखिलाती वेदना’ गीत संग्रह युवा कवियों के लिए प्रेरणा प्रद होगा। पुस्तक की रचनाकार रेनू दिवेदी ने अपने गीत संग्रह खिलखिलाती वेदना में मानव जीवन की हर वेदना को अपने सुंदर शब्दों में पिरोने का काम किया है जो साहित्य की दृष्टि से अद्भुत और सराहनीय है। यह बातें संयुक्त निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं ख्याति लब्ध साहित्यकार डॉक्टर अनिल मिश्र ने बतौर मुख्य अतिथि सोनभद्र बार एसोसिएशन सभा कक्ष में आयोजित ‘खिलखिलाती वेदना: गीत संग्रह के लोकार्पण अवसर पर शनिवार को देर शाम कही।

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उन्होंने अपने 50 मिनट के सारगर्भित साहित्यिक संबोधन में पुस्तक की रचनाकार के शब्द संयोजन और गीतों की आंतरिक मन से बृहद समीक्षा की और सराहा। लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन एवं वरिष्ठ साहित्यकार अजय शेखर ने करते हुए कहा कि खिलखिलाती वेदना पढ़ कर यह एहसास होता है कि पुस्तक में उल्लेखित रचनाएं कुशल वह परिपक्व रचनाकार द्वारा लिखी गई हैं। श्रेष्ठ और परिपक्व रचनाओं के लिए रचनाकार को साधुवाद देता हूं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।

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चारु काव्यांगन संस्था के बैनर तले आयोजित इस लोकार्पण समारोह के विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद व साहित्यकार पंडित पारसनाथ मिश्र, राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत सेवानिवृत्त शिक्षक व किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य डॉक्टर ओम प्रकाश त्रिपाठी, ख्याति लब्ध्य गीतकार डॉक्टर रचना तिवारी, जगदीश पंथी, सोन साहित्य संगम के उपनिदेशक सुशील कुमार राही आदि ने जहां चिलचिलाती धूप और उमस भरी प्रचंड गर्मी में पसीने बहाकर खिलखिलाती वेदना गीत संग्रह लोकार्पण समारोह को भव्यता प्रदान की वही उपन्यासकार रामनाथ शिवेंद्र ने मुख्य वक्ता के हैसियत से पुस्तक की पंक्तियों का उद्धरण देते हुए इसे एक उत्कृष्ट कृति की संज्ञा दी।

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इसके पूर्व मुख्य अतिथि एवं समारोह के अध्यक्ष द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन किया गया और लोकप्रिय गीतकार डॉक्टर रचना तिवारी द्वारा मां की वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। पुस्तक की रचनाकार रेनू द्विवेदी ने सभी मंचस्थ अतिथियों का तहे दिल से स्वागत किया और अपनी रचनाएं सुनाकर लोगों को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया। इस दौरान चारु काब्यांगन संस्था की ओर से अतिथियों का माल्यार्पण और अंगवस्त्रम ओढ़ाकर अभिवादन किया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षाविद एवं पत्रकार भोलानाथ मिश्र ने किया और आभार ज्ञापन सोन साहित्य संगम के संयोजक राकेश शरण मिश्र ने प्रस्तुत किया। इस मौके पर प्रख्यात समाजसेवी डॉ बी सिंह, सोनभद्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र कुमार शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र, कमलेश ओझा, जनप्रिय गीतकार ईश्वर विरागी, प्रदुम्न कुमार, अशोक तिवारी, दिवाकर द्विवेदी मेघ, सरोज कुमार सिंह, दीपक कुमार केसरवानी, प्रभात सिंह चंदेल, कमल नयन तिवारी, धर्मेश चौहान, दयानंद दयालु, चंद्रकांत शर्मा, अमरनाथ मिश्र, नागेंद्र मिश्र, सुनील मिश्र, वंशीधर देव पांडेय, कृष्ण कुमार देव पांडेय, पानमती देवी, विनोद कुमार द्विवेदी, प्रमोद चौबे,आशुतोष पांडेय मुन्ना समेत दर्जनों साहित्यानुरागी मौजूद रहे।

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संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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