सोनभद्र। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन पर जनपद न्यायालय सोनभद्र के परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। न्यायमूर्ति डॉ गौतम चौधरी माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद /प्रशाशनिक अधिकारी सोनभद्र ने मां सरस्वती के प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जिले के न्यायालयों में मुकदमों की संख्या इस कदर बढ़ गयी है कि लोगों को समय से न्याय मिलने में दिक्कत आती है। उन्होंने आगे कहा कि बैंक/राजस्व अधिकारी सकरात्मक सोच के साथ वादकारियों को सुलह समझौते के आधार पर अधिक से अधिक लाभ दे सकते है। लोक अदालतों का सबसे बड़ा गुण निःशुल्क तथा त्वरित न्याय है। यह विवादों के निपटारे का वैकल्पिक माध्यम है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी नागरिक आर्थिक या किसी अक्षमता के कारण न्याय पाने से वंचित न रह जाए।


उन्होंने लोक अदालत को सफल बनाने के लिए समस्त विद्वान अधिवक्ताओं से अपील की उनके द्वारा न्यायिक अधिकारीगण एव विद्वान अधिवक्ताओं को लोक अदालत में अधिक मामले निस्तारित करने हेतु प्रेरित व प्रोत्साहित किया।
जिले के विभिन्न न्यायालयों में कुल 37940 वाद निस्तारित किये गए और जिसमें 108080136/ रुपये की धनराशि वसूला गया।
नोडल अधिकारी निहारिका सिंह चौहान ने
कहा कि लोकतंत्र के महापर्व राष्ट्रीय लोक अदालत है। इस पर्व में बिना किसी श्रम और धन के आपसी सौहार्दपूर्ण तरीके से वादों का निस्तारण भी होता है व किसी भी पक्षकारो की हार-जीत नही होती है।
इस मौके पर जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार प्रथम(अध्यक्ष)जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व नोडल अधिकारी (राष्ट्रीय लोक अदालत)अपर जनपद न्यायाधीश, संजीव कुमार त्यागी प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय व एमएसिटी के पीठासीन अधिकारी संजय हरि शुक्ला, पंकज कुमार(पूर्णकालिक सचिव)के साथ कई न्यायिक अधिकारी व विद्वान अधिवक्ता उपस्थित रहे।




