HIGHLIGHTS
- 21 मार्च को रात्रि में कथित तौर पर हत्या कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था शव
- पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 19 अप्रैल को चार नामजद अभियुक्तों के खिलाफ 302 का मुकदमा हुआ था दर्ज
दुद्धी, सोनभद्र। जोरुखाड़ के प्रदीप हत्याकांड में मुकदमा पंजीकृत होने के उपरान्त आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस द्वारा विपक्षियों से मिलकर जबरन गवाह तैयार कर उन्हें बचाने का प्रयास किया जाने लगा है, ऐसा आरोप भुक्तभोगी गवाहों ने लगाया है। मंगलवार को जोरुखाड़ निवासी 7 ग्रामीणों ने पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुँच कर ज्ञापन सौंपा है।

भुक्तभोगियों ने ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया है कि हम सभी लोग शाम के समय जोरुखाड़ एनएच 75 रोड पर कुछ सामान लेने के लिए गए थे कि जोरुखाड़ के युवक प्रदीप कुमार का हत्यारोपित रामकुमार यादव पुत्र मुंद्रिका यादव थाना विंढमगंज सोनभद्र ने हम सभी लोगों को धोखा देकर अपने बोलेरों में यह कह कर बैठाया कि चलिए विंढमगंज मार्किट से घूमकर आते है और वह मार्किट ना जाकर सीधे हम सभी को थाने ले गया। वहाँ जाने के बाद थाना में हम लोगों से बिना बताए सादे पेज पर हस्ताक्षर बारी बारी से बनवाया और कहा कि कुछ नहीं होगा। आप लोग क्यों डर रहे है, बाद में हम लोगों को यह पता चला कि रामकुमार यादव अपने पक्ष में हस्ताक्षर करवा लिया है।

जानकारी मिलने पर जब हमलोग थाने पर गए और सादे पेज पर जो हस्ताक्षर किये है वो वापस ले ले लेकिन हम लोगों को वह पेपर नही दिया गया। सभी ग्रामीणों ने पुलिस क्षेत्राधिकारी से हस्ताक्षरित पेज व आधार कार्ड दिलवाए जाने की मांग किया है। साथ ही प्रकरण की जांच का मांग किया है। बता दे कि स्थानीय थाना क्षेत्र में बीते कुछ दिन पहले जोरुखाड़ रेलवे ट्रेक पर एक शव मिला था जिसका पहचान प्रदीप कुमार पुत्र रामकेश्वर निवासी जोरुखाड़ के रूप में हुआ था। जिस पर परिजनों ने पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को लिखित तहरीर देकर हत्या कर रेलवे ट्रेक पर फेकने का आरोप लगाया था।

जिस घटना को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने थाना विंढमगंज को मुकदमा दर्ज कर जांच करने को निर्देशित किया। जिस पर स्थानीय थाना में 19 अप्रैल को चार लोगों के खिलाफ अधिनियम भा द सं 1860 के तहत धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।




