HIGHLIGHTS
- बाहर लू और घर पर गर्मी ने छीना लोगों का चैन
- सूबे के मुखिया ने आदेश जारी किया हैं कि तेज गर्मी/लू का मौसम चल रहा है। ऐसे में गांव हो या शहर, कहीं भी अनावश्यक बिजली कटौती न हो
- जरूरत हो तो अतरिक्त बिजली खरीदने की व्यवस्था करें
- ट्रांसफार्मर जलने/तार गिरने जैसी समस्याओं का बिना विलंब निस्तारण किया जाए
डाला, सोनभद्र। नगर और ग्रामीण क्षेत्र में गर्मी बढ़ते ही बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई है। दिन के अलावा रात में भी बिजली की अघोषित कटौती हो रही है। इससे उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में बिजली न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि बिजली कटौती न हो इसके लिए सीएम ने ट्वीट कर कहा था।लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी का खामियाजा जनता भुगत रही है।

एक तरफ जहां तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, वहीं दूसरी तरफ बिजली कटौती भी बढ़ गई है। इससे शहर से लेकर गांव तक उपभोक्ताओं को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। इसके साथ ही लोकल फाल्ट और लो वोल्टेज की समस्या ने उपभोक्ताओं की मुसीबत और बढ़ा दी है। इसे लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश बढ़ रहा है।

मंगलवार को क्षेत्र में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। कूलर, पंखा के जरिए उपभोक्ताओं को गर्मी से राहत की उम्मीद है, लेकिन इधर अघोषित कटौती बढ़ गई है। शासन का निर्देश है कि जनपद मुख्यालय को 22 से 24 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र को 18 से 20 घंटे बिजली सप्लाई दी जाए, लेकिन कई दिनों से शहर से लेकर गांव तक बिजली की कटौती हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र में महज 12 घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। दिन में आपूर्ति बाधित रहती है। जिससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो जा रही है, वहीं लोग गर्मी से जूझने के लिए मजबूर हैं।

वहीं कटौती के बीच लोकल फाल्ट की समस्या भी बढ़ गई है। रात के समय लो-वोल्टेज के चलते पंखा, कूलर अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। गुरमुरा क्षेत्र के निवासी आकाश जायसवाल, परमहंस पटेल आदि ने कहा कि अभी अप्रैल का महीना है और गर्मी काफी बढ़ गई है। बिजली कटौती बढ़ने से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि लोकल फाल्ट व लो वोल्टेज की समस्या से निजात के साथ ही बिजली आपूर्ति निर्धारित शिड्यूल के मुताबिक दी जाए।

अधिशासी अभियंता ने कहा कि कि इमरजेंसी रोस्टिंग रात में व दिन में भी चल रही हैं और बिजली की आपूर्ति निरंतर बनाए रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लोकल फाल्ट की समस्या को दूर करने के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। बहरहाल इस अघोषित कटौती की मार उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है, शासन से लेकर अधिकारियों के सारे दावें फेल नजर आ रही हैं।




