HIGHLIGHTS
- अभिभावकों पर पड़ रहा अतिरिक्त भार
महुली, सोनभद्र। सरकार द्वारा शिक्षा को हर तरह से बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन कुछ ऐसे विद्यालय है, जहां शिक्षकों कि लापरवाही से ग्रामीण इलाके के बच्चों का भविष्य अंघेरे में लटका हुआ है । दुद्धी ब्लांक क्षेत्र में आने वाले कई विद्यालय के शिक्षक ऐसे हैं, जो अनियमितता बरतने से गुरेज नहीं कर रहे। अध्यापकों द्वारा कार्य के प्रति लापरवाही लगातार बरती जा रही है।

वहीं सोमवार को प्राथमिक विद्यालय परासपानी में शिक्षक नहीं आने से स्कूल में बच्चे खेल रहे थे। ग्राम प्रधान विमल यादव ने बताया कि स्कूल में दो शिक्षक हैं, पर दोनों शिक्षकों ने आप में समझौता कर एक सप्ताह में एक शिक्षक स्कूल आएगा, तो दूसरे सप्ताह दूसरा शिक्षक इसी तरह स्कूल चला रहे हैं। जिसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से भी किया गया, पर कोई सुधार नहीं हैं। जिसके कारण अभिभावक अपने बच्चों का प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन करा रहे हैं। सरकारी स्कूलों से लोगों का मोह भंग होता जा रहा है। अधिकांश शिक्षक शिक्षिकाओं को आठ बजे तक स्कूल से दूर रास्ते में स्कूल जाते देखें जातें हैं। जहां योगी सरकार शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।

दुद्धी ब्लांक के कुछ शिक्षको का स्कूल से गायब रहना व समय से स्कूल नहीं आने को लेकर चर्चा बना रहता है। जिसकी जानकारी शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को भी है। अभिभावकों द्वारा बार बार शिकायत के बाद भी कोई शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं किया जाता। जिससे शिक्षकों का हौसला बुलंद हैं। अभिभावकों का कहना है उच्चाधिकारियों की मिली भगत से ही शिक्षक स्कूल से गायब रहते हैं। जिसके कारण बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना पढ़ रहा है। जिसमें काफी खर्च पड़ता है। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई होती तो प्राइवेट स्कूल में नहीं पढ़ाना पढ़ता।

योगी सरकार लापरवाह अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई करते हैं, पर शिक्षा विभाग पर इसका असर नहीं हो रहा है।जहां सरकार शिक्षा पर पानी की तरह पैसा बहा रही है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण बच्चों का भविष्य अधर में लटका नजर आ रही है। इस सम्बन्ध में खंड शिक्षा अधिकारी दुद्धी आलोक कुमार ने बताया कि लापरवाह शिक्षको पर कार्रवाई किया जा रहा है। गायब रहने व देर पहुंचन वाले शिक्षकों के बारे जानकारी होती है, तो कार्रवाई किया जाता है।




