वाराणसी। आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत बाबा साहब भीम राव आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य पर लाल बहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय, क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई, क्षेत्रीय अभिलेखागार द्वारा लाल बहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय रामनगर, वाराणसी में पुष्पांजलि एवं अभिलेख प्रदर्शनी के साथ आधुनिक भारत के निर्माण में डॉ भीम राव आंबेडकर का योगदान विषयक संगोष्ठी बृहस्पतिवार को आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आरंभ बाबा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। तत्पश्चात अभिलेख प्रदर्शनी का उदघाटन किया गया।
प्रदर्शनी मुख्यतः दो भागों में विभाजित की गई थी-

1. अभिलेख प्रदर्शनी
इसके अंतर्गत बाबा साहब से संबंधित अभिलेखों को प्रस्तुत किया गया। जिसमे बाबा साहब के जीवन की विशिष्ट घटनाओं को क्रमवार प्रस्तुत किया गया। बाबा साहब के लिखे पत्र, प्राप्त छात्रवृत्तियो और उनके कोलम्बिया विश्वविद्यालय में प्रवेश से संबंधित अभिलेख प्रदर्शनी का आकर्षण केंद्र रहा।

2- छाया चित्र
प्रदर्शनी के द्वितीय भाग में बाबा साहब के जीवन यात्रा को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसके अंतर्गत उनके जीवन काल से संबंधित छाया चित्रों को प्रस्तुत किया गया। इनमें उनके द्वारा स्थापित संस्थाओं, उससे जुड़े लोग, सावधान सभा में बाबा साहब से जुड़े चित्र प्रस्तुत किये गये। डॉ आंबेडकर के तत्कालीन नेताओं के छाया चित्र, परिवारी जन के साथ के चित्र, मुम्बई स्थित आवास, श्रम मंत्री के रूप में कार्य करते चित्रों को लोगों ने अपने मोबाइल में संकलित किया।

कार्यक्रम के द्वितीय चरण में आधुनिक भारत के निर्माण में डॉ भीमराव आंबेडकर का योगदान की भूमिका विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा में बोलते हुए आकाशवाणी वाराणसी के निदेशक गौतम ने बाबा साहब के सामने आई चुनौतियों और उनके विचारों पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता काशी हिंदू विश्वविद्यालय की समाजशास्त्र की प्रो श्वेता प्रसाद ने भीमराव अम्बेडकर के महान व्यक्तित्व और समाज में उनके योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया। अंत में प्रो० मंजीत चतुर्वेदी ने बाबा साहब के सामाजिक और राजनीतिक सुधारों के परिप्रेक्ष्य में उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर डॉ विनोद कुमार यादव, डॉ राजेश कनौजिया, प्रशांत राय, वंदना गुप्ता, वंदना सिंह, अदिति गुलाटी, डॉ स्वतंत्र सिंह, विनय मौर्य, शशिभान सिंह कश्यप, संजय श्रीवास्तव, शारदा सिंह, बच्चे लाल,श्री पंच बहादुर, मनोज कुमार, महेंद्र लाल, वीरेंद्र, गणेश प्रसाद, प्रदीप कुमार सहित बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिभाग किया।
अतिथियों का स्वागत एवं कार्यक्रम का संयोजन तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुभाष चंद्र यादव, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, वाराणसी के द्वारा किया गया। प्रदर्शनी का संयोजन डॉ हरेंद्र नारायण सिंह ने किया।
