डाला, सोनभद्र। शनिवार से चैत्र नवरात्रि प्रारंभ हो गया हैं और मां वैष्णो मंदिर परिषर में भव्य तरीके से तैयारियां भी की गईं। दुकानें भी सजी हुई हैं। लेकिन भक्तों की भीड़ देखने को नहीं मिली।
हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इस दौरान मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। नवरात्रि में घटस्थापना का विशेष महत्व होता है।

नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री का होता है। मां दुर्गा के 9 स्वरूपों में मां शैलपुत्री पहला रूप हैं। शनिवार को डाला वैष्णो मंदिर में माँ वैष्णों देवी का कपाट भोर में चार बजे खोलकर माँ की आरती व घण्टियाँ गूँजने लगी और मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण एवं माला फूल अन्य दुकानें भी सजी हुई हैं। लेकिन पहले की अपेक्षा भक्तों की भीड़ देखने को नही मिली।

वहा के दुकानदारों द्वारा बताया जा रहा हैं कि पहले भोर में ही माँ का कपाट खुलने से पहले भक्तों का तांता लग जाता था। लेकिन जब से कोरोना काल चला धीरे-धीरे भक्तों की भीड़ कम हुई हैं। हालांकि अब कोरोना का असर जिले में समाप्त की ओर हैं और सरकार की गाइड लाइन भी कोई नही आई हैं। ऐसे में दुकानदार ये आस लगाए हैं कि चैत्र नवरात्रि का पहला दिन हैं, आगे दर्शनार्थियों की भीड़ धीरे-धीरे बढ़ेगी।




