केन्द्र/राज्य सरकारों की निजीकरण की नीतियों एवं इलेक्ट्रिसिटी बिल के विरोध में दूसरे दिन भी किया कार्य बहिष्कार एवं विरोध सभा

अनपरा, सोनभद्र। केंद्र एवं राज्य सरकार की निजीकरण की नीतियों एवं इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के विरोध में देश के सभी प्रांतों के बिजली कर्मियों द्वारा किये जा रहे कार्य बहिष्कार के साथ प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों एवं अभियन्ताओं ने दो दिवसीय कार्य बहिष्कार प्रारम्भ करते हुए मंगलवार दूसरे दिन भी पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार किया गया एवं प्रदेश में जोरदार विरोध सभायें तथा अनपरा परियोजना के मुख्य द्वार पर बिजली कर्मियों ने जोरदार तरीके से विरोध प्रकट किया।

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संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारियो इं रोहित राय, इं अभिषेक बरनवाल, इं नित्यानंद सिंह, अनूप वर्मा, रविन्द्र जायसवाल, सुशील कुमार श्रीवास्तव, विवेक सिंह सिंह, विसम्भर सिंह ओमब़त सिंह, राजीव यादव, सचिन राज यादव, शैलेन्द्र सिंह, अभिषेक सिंह, कालिका प्रजापति, राजकुमार सिंह, सुनील यादव, लालचंद कुशवाहा, दिवाकर सिंह इत्यादि ने जारी संयुक्त बयान में कहा कि केंद्र सरकार निजीकरण की दृष्टि से इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 को संसद में पारित कराने जा रही है। जिसका बिजली कर्मियों और बिजली उपभोक्ताओं पर व्यापक प्रतिगामी प्रभाव पड़ने वाला है।

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इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 पर बिजली कर्मचारियों और बिजली उपभोक्ताओं से कोई राय नहीं ली गई है। केवल औद्योगिक घरानों से ही विचार विमर्श किया गया है। इस प्रकार केंद्र सरकार की इस एकतरफा कार्यवाही से बिजली कर्मियों में भारी रोष एवं गुस्सा है। बिजली कर्मियों की मांग है कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 को जल्दबाजी में संसद से पारित कराने के बजाय इसे बिजली मामलों की लोकसभा की स्टैंडिंग कमेटी को भेजा जाए। जिससे स्टैंडिंग कमेटी के समक्ष बिजली कर्मी और उपभोक्ता अपना पक्ष रख सकें। मुख्य माँगें क्रमशः इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 वापस लिया जाए व विद्युत वितरण क्षेत्र के निजीकरण हेतु जारी किये गए स्टैण्डर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट तत्काल वापस लिया जाए, ग्रेटर नोएडा के निजीकरण और आगरा का फ्रेंचाइजी करार रद्द किया जाए, केरल के केएसईबी लिमिटेड और हिमाचल प्रदेश के एचपीएसईबी लिमिटेड की तरह उत्तर प्रदेश में भी सभी बिजली निगम का एकीकरण कर यूपीएसईबी लिमिटेड का गठन किया जाए।

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सभी बिजली कर्मियों को पूरानी पेंशन दी जाए, शांतिपूर्ण आंदोलन के कारण प्राविधिक कर्मचारी संघ के सदस्यों की वेतन कटौती व अन्य दमनात्मक कार्यवाहियाँ वापस लिया जाए,संघर्ष समिति और मंत्रिमंडलीय उप समिति के मध्य हुए 6 अक्टूबर 2020 के समझौते का पालन करते हुए विगत वर्ष आंदोलन के फलस्वरूप वाराणसी, प्रयागराज और अन्य स्थानों पर बिजली कर्मियों पर की गई एफ0आई0आर0 वापस ली जाए,
सभी रिक्त पदों पर भर्ती की जाए और तेलंगाना सरकार के आदेश की तरह सभी निविदा/संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए, बिजली कर्मचारियों की सभी वेतन विसंगतियां दूर की जाएं और पूर्व की तरह सभी बिजली कर्मियों को न्यूनतम तीन पदोन्नत पदों का समयबद्ध वेतनमान पूर्व की भाँति दिया जाए।
इस सभा की अध्यक्षता इं रोहित राय (संयोजक संघर्ष समिति) तथा संचालन सुशील कुमार श्रीवास्तव ने किया।

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संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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