अजीत सिंह
ओबरा, सोनभद्र। कोतवाली ओबरा के अंतर्गत राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन उत्तर प्रदेश एवं उ०प्र० राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ द्वारा दिनांक 15/03/2022 से पूरे प्रदेश भर में चलाये जा रहे असहयोग/सविनय अवज्ञा आंदोलन अब अपने चरम की ओर अग्रसर है।

ऊर्जा निगम के शीर्ष प्रबंधन के उत्पीड़नात्मक एवं तानाशाही रवैये से संगठन के सदस्यों में भारी रोष व्याप्त है। इस क्रम में रा०वि०प०जू०इ०सं० के केंद्रीय अध्यक्ष इं० जी.बी. पटेल एवं रा०वि०प०अभियंता संघ के केंद्रीय महासचिव इं० प्रभात सिंह आंदोलन की दिशा को गति प्रदान करने के लिए आज ओबरा का दौरा किया। उक्त क्रम में परियोजना के झरियानाला गेट पर सुबह 09:00 बजे से 11:00 बजे तक शीर्ष ऊर्जा प्रबंधन के विरोध सभा कर शीर्ष नेतृत्व ने सदस्यों को ऊर्जा प्रबंधन की काली करतूतों से अवगत कराया।

सभा की शुरुआत इं० बृजेश यादव ने स्वागत गीत से किया। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष इं० जी०बी०पटेल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ई०आर०पी० खरीद में एक बड़ा भ्रष्टाचार किया गया है।
उन्होंने बताया कि लगभग 511.52 करोड़ रु० ई०आर०पी० लागू करने के प्रारंभिक आदेश है और पूरी प्रणाली लागू होने तक यह लागत लगभग 700 करोड़ रु० तक पहुँच जाएगा। जबकि देश के सबसे अधिक विद्युत उपभोक्ता वाले प्रदेश महाराष्ट्र में विद्युत वितरण कंपनी ने मात्र 25 करोड़ रुपये में ईआरपी सिस्टम लागू करने के आदेश दिए है।

उसकी तुलना में 20 गुना अधिक की धनराशि उ०प्र० में व्यय करना सरासर भ्रष्टाचार को इंगित करता है।इं० पटेल ने उ०प्र० ने यह भी बताया कि ऊर्जा निगम के चेयरमैन महोदय से वार्ता करने पर गलत तथ्य प्रस्तुत कर संगठनों को डराने धमकाने का काम किया जा रहा। चेयरमैन महोदय किसी भी तरह से दिग्भ्रमित कर सच की इस लड़ाई को दबाने का प्रयास कर रहे है।

इं०पटेल ने कहा कि संगठन प्रतिनिधियों ने पूरे साक्ष्य के साथ भ्रष्टाचार के इस मुद्दे को शीर्ष प्रबंधन के सामने उजागर किया लेकिन प्रबंधन द्वारा सदस्यों एवं आमजनमानस के बीच भ्रम की स्थिति पैदाकर उल्टा आरोप संगठन प्रतिनिधियों पर डाला जा रहा है जो कि सरासर अन्याय है।इं० पटेल ने प्रदेश के यसस्वी मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ से अपील की प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेन्स की नीति की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाने वाले अरबों रुपये के इस ईआरपी घोटाले की सीबीआई से जांच कराई जाए और दोषियों पर कठोर कार्यवाही की जाय।रा०वि०प०अभियंता संघ के महासचिव इं०प्रभात सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए ताप विद्युत घरों में कोयले संकट पर प्रकाश डाला। इं० प्रभात ने कहा कि कोयला खरीद का समय से भुगतान ना होने के कारण उत्पादन गृहों पर कोयले का भारी संकट उमड़ पड़ा है जिसके लिए शीर्ष प्रबंधन सीधा जिम्मेदार है। इं० प्रभात ने कहा कि उत्पादन निगम लगातार मुनाफा देने वाली प्रदेश को सबसे सस्ती बिजली मुहैया कराने वाली कम्पनी है।
ऐसे में उत्पादन निगम के लिए कोयले का भुगतान न करने,दूसरे कंपनियों से महंगी बिजली (20रु०/यूनिट) एनर्जी एक्सचेंज से खरीदा जाना शीर्ष प्रबंधन की विफलता एवम भ्रष्टाचार को इंगित करता है। सभा की अध्यक्षता कर रहे इं० बी०एन०सिंह ने बताया कि उच्च प्रबंधन की निरंकुशता एवम भ्रष्टाचार की वजह से आज ऊर्जा निगम लगातार गर्त में गिरता जा रहा। उन्होंने कहा कि संगठन के पदाधिकारियों को आम जनमानस की नजर में नीचा दिखा कर अरबों के भ्रष्टाचार के मुद्दों को छिपाया जा रहा है।सभा की अध्यक्षता इं० बी० एन० सिंह तथा संचालन इं० ओ०पी०पाल ने किया।




