HIGHLIGHTS
- उपक्रम एजुकेशनल फाउंडेशन के बैनर तले गांव के बगीचे मे लगा चौपाल
- ग्रामीण महिलाओं को रोजगार परक बनाने का सिखाया हुनर
विशेष संवाददाता द्वारा
सोनभद्र। जिले की प्रमुख शैक्षणिक सामाजिक संस्था ‘उपक्रम एजुकेशनल फाउंडेशन’ द्वारा मंगलवार को कोटा ग्राम पंचायत के परासपानी में आदिवासी ग्रामीण महिलाओं के साथ चौपाल लगा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर रोजगार परक जानकारी दी गई। आदिवासी बाहुल्य ग्रामीण अंचल में आयोजित चौपाल में ग्रामीण महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जहां उन्हें खेल व कला के माध्यम से रोजगार परक शिक्षा ग्रहण करने हेतु जन- जागरण किया गया।

चोपन विकास खंड के कोटा ग्राम पंचायत स्थित परासपानी गांव में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘उपक्रम एजुकेशनल फाउंडेशन’ द्वारा लगाए गए चौपाल में उपस्थित महिलाओं ने कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाकर अपने आस-पास की महिलाओं को बुलाया और आपस में चर्चा की।

गौरतलब हो कि उपक्रम एजुकेशनल फाउंडेशन नामक संस्था वर्ष 2018 से सोनभद्र जिले में विशेषकर ग्रामीण बाहुल्य आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा पर काम कर रही है। इतना ही नहीं कोटा ग्रामसभा के गांवों में लोगों से जुड़कर लगातार शिक्षा पर विचार विमर्श भी करती आ रही है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के साथ सिर्फ चर्चा ही नहीं बल्कि एक कलात्मक गतिविधि का भी की प्रादुर्भाव किया जिसका उद्देश्य एक दूसरे का सहयोग करना, दूसरे के अधूरे कामों को पूर्ण करने की एक ललक पैदा करना है।

इस गतिविधि में जिन महिलाओं ने कभी हाथ में कलम नहीं पकड़ा था मंगलवार को वे उसे हाथ में लेते हुए आत्मविश्वास से लवलेश नजर आई। चौपाल की सबसे अच्छी बात यह रही की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी की और कार्यक्रम को सफल बनाया। परासपानी की समरिया देवी ने अपने उड़ीसा जाने और वहां के कामों को सीखकर आने का अनुभव साझा किया। वही बारहवीं में पढ़ने वाली मीना ने अपने पढ़ाई को जारी रखने के लिए ईट भट्टे पर मजदूर का काम किया। कभी स्कूल न जाने वाली शांति देवी ने आकाशवाणी में काम किया और गाँव की बात “हर घर में खेत, खेत में पानी और पानी पर मेड़” लोगों तक पहुंचाई।

उपक्रम संस्था की सदस्य प्रियंका ने अपने अनुभवी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मुझे पढ़ने का बहुत मन था और आज मेरे मन का काम हो रहा है। वही अभी कहा कि उपक्रम ने मुझे मौका दिया कि मैं पढ़ाई के साथ-साथ कुछ काम कर पाऊँ और ऐसा काम जिसमें बहुत सारे बच्चे भी पढ़ पाए तथा समाज के लिए जिम्मेदार नागरीक बन पाएं। उल्लेखनीय हो कि यह संस्था महिला सशक्तिकरण एवं साक्षरता के लिए भी प्रतिबद्ध है ।
उपक्रम ने महिलाओं को जागरूक किया और इन्हे दुनियादारी से जुड़ी शिक्षा एवम टेक्नोलॉजी से जुड़ने को प्रतिबद्ध करने का कार्य किया। तत्पश्चात ग्रामीणों महिलाओं ने अपनी समस्याओं को उपक्रम के साथ साझा करते हुए बताया की परासपानी स्तिथ इंटर कालेज जो चार वर्ष पूर्व बनके तैयार हो चुका था वह आज तक संचालित नही हो पाया। संसाधन के कमी कारण इन ग्रामीण महिलाओं के बच्चे आठवी के बाद नही पढ़ पाते है। साथ ही साथ ग्रामीण महिलाओं ने अन्य शिक्षा से संबंधित समस्याओं को उपक्रम से जाहिर किया।
इस मौके पर मुख्य रूप चंद्रकिरण तिवारी, समरिया, राधा समेत दर्जनों महिलाओं के साथ ही चंद्र प्रकाश तिवारी ,सनोज तिवारी ,संजय गुप्ता ,
सौरभ सिंह ,आशीष आदि मौजूद रहे। सफल संचालन संस्था की सह संस्थापक किरण एवम नूतन ने संयुक्त रूप से किया ।




