
अनपरा, सोनभद्र। हिण्डालको रेनुसागर परिसर स्थित टीटीएमडीसी में रेनुपावर के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आस-पास के गांवों में कार्यरत ग्रामीण चिकित्सक एवं वालिंटीयर के साथ वैल्युज मन्थ के सत्रहवीं वर्षगाठ पर कार्यक्रम का आयोजन कर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के पांच मूल्यों पर चर्चा किया गया।

फरवरी माह को वैल्युज मन्थ के रुप में मनाया जा रहा है। इसके तहत संस्थान के पांच मूल्यों निष्ठा, प्रतिबद्धता , प्रबल इच्छा, एकरुपता एवं गति के प्रति सजग करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किये जाते है।

कार्यक्रम का शुभारम्भ बतौर मुख्य अतिथि हिण्डालको रेनुसागर के अध्यक्ष ऊर्जा के.पी. यादव ने करते हुए अपने सम्बोधन में कहा कि बिना मूल्यों के जीवन की परिकल्पना भी मुश्किल है। हमारे संस्कार ही हमारे नैतिक मूल्यों का निर्धारण करते है। हमें कार्यों में निष्ठा, प्रतिबद्धता, प्रबल इच्छा, एकरूपता व गति के प्रति सदैव सजग रहना चाहिए। इसी प्रकार ग्रामीण चिकित्सक एवं वालेंटियर अपने कार्य करने के दौरान इन पांच मूल्यों को अपनाने से अपनी कार्य पद्धति को और बेहतर बना सकते है। जिसके वह अपने लक्ष्य को आसानी से पा सकते है। वहीं एच आर हेड शैलेश विक्रम सिंह ने वैल्युज मन्थ के महत्व पर प्रकाष डाला। इस अवसर पर ई आर हेड परेश ढोले ने अपने स्वागत सम्बोधन में चिकित्सक एवं वालंटियर की कार्यो की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।

कार्यक्रम के अन्त मुख्य अतिथि द्वारा वर्ष भर किये गये कार्यो की सराहना करते हुए चिकित्सक एवं वालेंटियरों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन संजीव कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर टीटीएमडीसी के हेड हितेष लुलानी एवं ग्रामीण विकास विभाग के आर एन यादव मौजूद रहे।





