
अजीत सिंह
ओबरा, सोनभद्र। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ओबरा तापीय परियोजना की एक बैठक मनीष मिश्रा की अध्यक्षता में स्थानीय उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ कार्यालय पर संपन्न हुआ। बैठक में ओबरा परियोजना प्रबंधन के दमनकारी अलोकतांत्रिक तानाशाही पूर्ण रवैए से बिगड़ रहे कार्य के वातावरण पर गहन चर्चा की गती।

वही बैठक को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री शशिकांत श्रीवास्तव ने बताया कि परियोजना कॉलोनी की सड़कों कॉलोनी से मुख्य मार्ग को जोड़ने वाली सड़कों व परियोजना मुख्य मार्ग के सड़कों पर बने गड्ढे एवं धूल धुसरित सड़क को ध्यान में रखते हुए समस्त मार्गों का मरम्मत और अनुरक्षण कार्य कराए जाने में स्थानीय परियोजना प्रबंधक का अपेक्षित सहयोग नहीं प्राप्त हो रहा है जो स्थानीय परियोजना प्रबंधक के कर्मचारी सुविधा के विरुद्ध , उपेक्षात्मकता पूर्ण रवैया को उजागिर कर रहा है कर्मचारी आवासीय सुविधा ,आवासों का समय पर अनुरक्षण कार्य , परियोजना आवागमन हेतु पर्याप्त मात्रा में बसों की उपलब्धता इत्यादि में परियोजना प्रबंधन का रवैया अपेक्षाकृत सकारात्मक नहीं है।

उमेश कुमार ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत कार्मिकों के कार्य स्थलों पर पीने योग्य साफ पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे कार्मिक हलकान और परेशान हो रहे हैं जिसके लिए परियोजना प्रबंधक प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार है। योगेंद्र कुमार ने बताया कि परियोजना कॉलोनी में सैकड़ों आवास पर बाहरी लोगों का अवैध कब्जा बना हुआ है कॉलोनी के बीचो बीच अवैध रूप से बड़ी-बड़ी बस्तियां स्थापित हो चुकी है जिस पर प्रबंधन का रवैया ढुलमुल है अवैध आवासों को रिक्त कराने के नाम पर स्थानीय परियोजना प्रबंधक द्वारा निगम के नीतियों के अनुरूप आवंटित कर्मचारियों के आवासों को खाली कराए जाने के लिए नोटिस दिया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है जिससे कर्मचारियों में असंतोष का माहौल व्याप्त हो गया है।

शाहिद अख्तर ने बताया कि परियोजना प्रबंधन की दमनात्मक कार्यप्रणाली के कारण परियोजना में कार्यरत कार्मिकों मैं हर समय भय का माहौल व्याप्त है जिसके कारण कार्मिकों का सर्वोत्तम योगदान परियोजनाओं को प्राप्त नहीं हो पा रहा है । पंकज गुप्ता ने बताया कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को देखते हुए परियोजना चिकित्सालय ओबरा में सर्जन फिजीशियन के साथ-साथ हड्डी रोग विशेषज्ञ नेत्र रोग विशेषज्ञ बाल रोग विशेषज्ञ एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के साथ-साथ गुणवत्ता परक औषधि का वितरण कराया जाना आवश्यक है ।

अध्यक्षीय उद्बोधन में मनीष मिश्रा ने बताया कि निगम में हो रहे विभिन्न ब्यय को नियंत्रित करने की दिशा में की जा रही कार्रवाई के अंतर्गत कर्मचारियों के मूलभूत सुविधाओं में कटौती की जा रही है यदि कटौती किया जाना अत्यावश्यक है तो सर्वप्रथम वाहय एजेंसी के माध्यम से कराए जा रहे कार्यो /गुणवत्ता की गहन समीक्षा की जाए तथा उसमें हो रहे अनावश्यक व्यय को नियंत्रित किया जाए एवं बाउंड्री निर्माण कार्य के नाम पर निगमीय धन के दुरुपयोग कर बाउंड्री निर्माण कार्य के भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए।

सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि परियोजना प्रबंधन के विरुद्ध अध्यक्ष उत्पादन निगम लिमिटेड को पत्र प्रेषित करते हुए आचार संहिता अवधि समाप्त होने के बाद समस्त घटक दलों के सहयोग से वृहद आंदोलन किया जाएगा। बैठक में प्रमुख रूप से समस्त घटक दलों के पदाधिकारी प्रहलाद शर्मा, अंबुज कुमार, प्रभात पांडे, विंध्याचल, विजय कुमार सिंह, दीपक कुमार, कैलाश नाथ एवं समस्त घटक दलों के अध्यक्ष मंत्री उपस्थित रहे।




