
सोनभद्र। जिला कारागार से संप्रेक्षण गृह मिर्जापुर में आवासित किए जाने के आदेश के बावजूद जेल अधीक्षक गुरमा द्वारा अभिरक्षा नहीं बदले जाने पर प्रधान मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह किशोर न्याय बोर्ड सोनभद्र ने तत्काल गंभीरता से लेते हुए इसे नाबालिक की अवैध अभिरक्षा मानते हुए जेल अधीक्षक कारागार गुरमा को तत्काल तलब किया गया।

प्रधान मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह के इस आदेश से जिला कारागार में हड़कंप मच गया। मजिस्ट्रेट द्वारा पूर्व में भी जिलाधिकारी मिर्जापुर से जवाब तलब किया गया था जब चार नाबालिग किशोरों को बिना बोर्ड की अनुमति लिए संप्रेक्षण गृह मिर्जापुर से जिला कारागार गुरमा स्थानांतरित कर दिया गया था। जिस पर प्रधान मजिस्ट्रेट द्वारा जिलाधिकारी मिर्जापुर का आदेश संज्ञान लेते हुए आदेश निरस्त करते हुए। नाबालिक किशोरों को वापस मिर्जापुर संप्रेक्षण गृह भेजा गया। जेल अधीक्षक द्वारा किशोर की अभिरक्षा नहीं बदले जाने के संबंध में स्पष्ट कारण नहीं बता पाते हैं तो बोर्ड द्वारा विधिक कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी।



