
सोनभद्र। बृहस्पतिवार को विशेष सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर ग्राम फुलवार थाना विण्ढमगंज में नाबालिग लड़की की शादी राजस्थान के रहने वाले व्यक्ति के साथ शादी किया जा रहा है। जिसकी उम्र लगभग 13 वर्ष है जो नाबालिग है।

उक्त सूचना के आधार पर मामले को तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला बाल संरक्षण अधिकारी पुनीत टण्डन द्वारा जिला बाल संरक्षण इकाई से संरक्षण अधिकारी गायत्री दुबे, परामर्शदाता सुधीर कुमार शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता रोमी पाठक, ओ आर डब्ल्यू शेषमणि दुबे की टीम का गठन करते हुए निर्देशित किया और कहा कि तत्काल थाना विण्ढमगंज से समन्वय स्थापित करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

जिसके क्रम में टीम द्वारा थाना विण्ढमगंज से समन्वय करते हुए थानाध्यक्ष सूर्यभान मय, हेड कांस्टेबल विजय शंकर, महिला कांस्टेबल आराधना यादव के साथ ग्राम फूलरवा पहुंचे जहां पर शादी की तैयारी चल रही थी। तभी टीम द्वारा बालिका के माता व चाचा से बालिका के उम्र के संबंध में साक्ष्य चाहा गया परंतु बालिका के उम्र के संबंध में कोई भी साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया। जिससे कि यह ज्ञात हो सके कि बालिका की उम्र कितनी है। प्रथम दृष्टया देखने पर बालिका की उम्र लगभग 13 वर्ष ही थी। जिसके संबंध में बालिका के माता द्वारा बताया गया कि बालिका कक्षा 8 तक पूर्व माध्यमिक विद्यालय फुलवार दुद्धी सोनभद्र से पढ़ी हुई है जिस के संबंध में टीम द्वारा तत्काल विद्यालय से समन्वय स्थापित किया गया तो विद्यालय द्वारा जारी प्रमाण पत्र के अनुसार बालिका की उम्र 13 वर्ष 04 माह पाया गया।

जिसके पश्चात टीम द्वारा बालिका के माता, चाचा व अन्य उपस्थित लोगों को बाल विवाह एक कानूनन अपराध है एवं बाल विवाह से होने वाले हानियों के बारे में भी बताया गया व परामर्श दिया गया। जिसके बाद बालिका के माता, चाचा व उपस्थित अन्य रिश्तेदारो द्वारा लिखित रूप दिया गया है कि बालिका की शादी 18 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत ही किया जायेगा।

बालिका के पिता की मृत्यु भी लगभग 5 माह पूर्व हुई है। जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम व थानाध्यक्ष के समन्वय से 13 वर्षीय मासूम की जिंदगी बर्बाद होने से बच गयी जो बहुत ही पुनीत कार्य रहा ।



