सोनभद्र। जिले की वाराणसी शक्तिनगर मार्ग पर घंटों जाम देखने को मिला। बृहस्पतिवार की रात 12 बजे से ही यहां गाड़ियों की लंबी लाइन अगले दिन शुक्रवार तक सलखन से लेकर मारकुंडी घाटी और घाटी से लोढ़ी स्थित टोल प्लाजा तक लगा रहा। जाम की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। अधिकारियों से भी ट्रैफिक हटाने की गुहार लगाई जाती रही, लेकिन लोगों को जाम से दोपहर दो बजे तक कोई राहत नहीं मिल पाई। आलम ये था कि फोरलेन के एक तरफ बालू गिट्टी लदे ओवरलोड वाहनों की कतार लगी हुई थी, तो दूसरी तरफ बस से एवं निजी वाहन से आ जा रहे लोग जाम से निकलने की जुगत में हलकान थे।
आचार संहिता लागू होने के बाद से ही जहां ओवरलोड और अवैध खनन के लिए बदनाम अधिकारियों को एक तरह से मनमानी की छूट मिल गई है।

वहीं लोकेशन माफिया और खनन-परिवहन महकमे से जुड़े सिंडिकेट का हाईवे के एक हिस्से पर आधिपत्य सा जम गया है। हालत यह है कि दिन में लोढ़ी टोल प्लाजा से लेकर मारकुंडी घाटी होते हुए सलखन तक चोपन से आने वाली लेन पर आधे हिस्से में ओवरलोड ट्रकें खड़ी कर दी जा रही हैं। अंधेरा होते ही एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में पूरी लेन जाम हो रही है। जाम से निकलने की कोशिश में कई ट्रकें उल्टे साइड राबर्ट्सगंज से रेनुकूट जाने वाली लेन पर आ जा रही हैं, जिसके चलते दूसरी तरफ वाले लेन से भी वाहनों का निकलना मुश्किल हो जा रहा है। बृहस्पतिवार की रात भी ऐसा ही हुआ। ओवरलोड ट्रकों का रेला सड़क पर आ जाने के कारण वाराणसी शक्तिनगर मार्ग पर भीषण जाम लग गया। पूरी रात चलने वाला जाम शुक्रवार को भी आवागमन करने वालों के लिए परेशानी का कारण बना रहा। जिला मुख्यालय आने वाले तथा जिले के दूसरे हिस्सों में जाने वाले लोग घंटों जाम में फंसकर परेशान होते रहे।

अधिकारियों के व्हाट्सएप, ट्विटर के साथ ही सोशल मीडिया हैंडल पर ओवरलोड ट्रकों के चलते लगे जाम की वीडियो और तस्वीरें वायरल की जा रही थीं। इसके जरिए लोगों द्वारा नाराजगी का इजहार भी किया जा रहा था, लेकिन समाचार दिए जाने तक जाम की स्थिति से राहत नहीं मिल पाई थी। लोगों का कहना था कि सलखन से लोढ़ी टोल प्लाजा तक रात में जहां रोजाना घंटों जाम की स्थिति बन रही है। वह अधिकारियों द्वारा चुप्पी साधने के कारण दिन में भी ओवरलोड वाहनों की कतार ने सोनभद्र की लाइफ लाइन को जाम करना शुरू कर दिया है। इस बारे में वार्ता करने पर तैयार एआरटीओ पीएस राय द्वारा जहां काल डिसकनेक्ट कर दी गई। वहीं ओवरलोड वाहनों की कतार के बारे में उनकी राय जानने के लिए उनके सेल फोन पर ह्वाट्सएप मैसेज भी किया गया, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला। उधर, आरटीओ मिर्जापुर संजय तिवारी का कहना था कि कुछ दिन पहले ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। वह इस मामले को दिखवा रहे हैं। जरूरत पड़ी तो अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।



