राम अनुज धर द्विवेदी
सोनभद्र। प्रदेश में चुनाव की घोषणा के बाद जनपद में भी राजनीतिक सरोकार बढ़ने लगी है। जब जनप्रतिनिधि जन समस्याओं को उचित ढंग से सरकार तक न पहुचाये, और जनता की पीड़ा से अवगत ना कराए तो ऐसे में टीम 50 का यह कर्तव्य बन जाता है कि हम उन्ही को चुने जो हमारी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए सतत प्रयत्नशील रहे। एक भेट वार्ता में युवा विचारक व टीम 50 के सक्रिय सदस्य दीपक पंडित ने अपने विचार कुछ इस तरह से व्यक्त किया और कहा कि हमारे सोनभद्र के प्रतिनिधि आमजन से जुड़े सरोकार को प्राथमिकता जनाकांक्षाओं वाली विन्दुओं पर अमल कराए। और आगे कहे कि
यहां की फण्ड का व्यय पारदर्शिता के रूप में हो, इसकी मानिटरिंग में जनप्रतिनिधियों के अलावा सामान्य नागरिकों को भी सम्मलित किया जाए।नागरिक चार्टर के रूप में समय समय पर इसे प्रकाशित किया जाए।सभी उद्योगों मे 50 प्रतिशत स्थानीय योग्य युवाओ को रोजगार दिया जाय।

स्थानीय खनन और परिवहन व्यवसाय में पूर्ण रूप से स्थानीय लोगो को ही संचालन की अनुमति मिले किसी भी ठीकेदारी में स्थानीय लोगो को ही प्राथमिकता मिले।स्थानीय स्तर पर घर बनाने या निजी कार्य मे उपयोग में आने वाले गिट्टी बालू को खनन और परिवहन से सभी प्रकार के परमिट और टैक्स से मुक्त हो।चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ हो। आवश्यकता पर स्थानीय निवासी को किसी प्राइवेट अस्पताल में इलाज की जरूरत हो तो उसका खर्च सरकारी फण्ड से हो।

युवाओ में खेल, और सांस्कृतिक उत्थान के लिए जनपद में अलग से व्यवस्था हो।ड्राइविंग की ट्रेनिंग और लाइसेन्स के लिए समय समय पर शिविर लगाया जाए। पर्यटन में नए रोजगार का सृजन किया जाए।हर दूसरे तीसरे कस्बा को जोड़ने के लिए सिटी बस चलाया जाए।कैम्प लगाकर लोगो के जमीन और मकान का मालिकाना हक दिया जाए।रोजगार के लिए आवश्यकता पड़ने पर जंगल के अनुपयुक्त जमीन को लीज पर दिया जाए ताकि लोग रोजगार कर सके।
चूंकि यही के संसाधन से बिजली बनती है अतः स्थानीय लोगो को मुफ्त बिजली दिया जाए।हर व्यक्ति को शुद्ध पेयजल मिले यह सुनिश्चित किया जाए।निजी विद्यालयों /कान्वेंट स्कूलों में 25 प्रतिशत तक नामांकन आर्थिक रूप से कमजोर स्थानीय निवासी के बच्चों का होना सुनिश्चित हो।स्थानीय उपज को मंडी तक पहुँचाने के लिए निशुल्क व्यवस्था हो।टमाटर ,मिर्च जैसे अन्य उपज को पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए एक संस्थान का निर्माण हो, साथ ही किसानों को प्रशिक्षण दिया जाए
पैकेजिंग फ़ूड प्रोडक्ट की संभावना जनपद में अधिक है, ऐसे में आचार, मुरब्बा, ड्राईफ्रूट, हर्बल औषधि , आदि से सम्बंधित कार्यशाला खोलकर प्रशिक्षण और व्यवसाय की व्यवस्था हो। कोल्डस्टोरेज की पर्याप्त व्यवस्था हो ,बांस से सम्बंधित हस्तशिल्प कला का विकास किया जाये।इस तरह के कार्यक्रमों की सोनभद्र को जरूरत है।जो जन प्रतिनिधि इस पर विचार करें ,वह अच्छा जनप्रतिनिधि साबित होगा।
