हर्षवर्धन केसरवानी
सोनभद्र। बृहस्पतिवार को जिला प्रोबेशन अधिकारी पुनीत टण्डन ने जन सामान्य से अपील करते हुए कहा कि किसी भी जरूरतमंद अनाथ बच्चों के सम्बन्ध में किसी को कोई भी सूचना मिलती है, तो वह चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098, जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला हेल्पलाइन 181 पर कॉल कर सूचना दे सकता है। उन्होंने आगे कहा कि बच्चों की मदद करें उन्हें एक सुरक्षित वातावरण दिलाने में सहभागी बने, यह बच्चों का अधिकार है।

बिना कानूनी प्रक्रिया के बच्चा गोद लेने पर हो सकती है 3 वर्ष की सजा और देना पड़ सकता है 1 लाख रुपए जुर्माना
सोनभद्र। जो बच्चे अनाथ हो गए है उनको कोई भी व्यक्ति व आस पास के लोग या उनके परिवार के लोग बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए गोद नही ले सकते। और अगर गोद लेते है तो यह गैर कानूनी और अपराध है। जिला प्रोबेशन अधिकारी पुनीत टण्डन ने बताया कि बच्चों को सिर्फ कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से गोद लिया जा सकता है। बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण की वेबसाइट पर पंजीकरण करा कर और कानूनी रूप से कार्यवाही करते हुए की जाती है। व्यक्ति द्वारा सीधे बच्चा गोद लेना या गोद देना दोनों अवैध व कानूनन अपराध है एवं बच्चों के अधिकार का हनन है। उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्यवाही की जाएगी तथा किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 80 के अंतर्गत 3 वर्ष तक की कैद या 1 लाख रुपए का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित करने का प्रावधान है।

