लखनऊ: यूपी असेंबली चुनाव (UP Assembly Election 2022) से पहले नेताओं के दल बदलने का खेल जारी है. अब एक और बीजेपी (BJP) विधायक दारा सिंह चौहान (Dara Singh Chauhan) ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने एसपी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की है. इस्तीफे के बाद दारा सिंह चौहान ने कहा कि वे जल्द ही अपने समर्थकों के साथ मुलाकात कर आगे की रणनीति बनाएंगे.
फिलहाल मऊ से विधायक हैं दारा सिंह चौहान
दारा सिंह चौहान ओबीसी में आने वाले नोनिया चौहान समाज से हैं. वे 2 बार राज्यसभा और 1 बार लोकसभा के सांसद रह चुके हैं. वे फ़िलहाल मऊ ज़िले की मघुबन सीट से विधायक हैं. बीजेपी छोड़ने पर दारा सिंह चौहान ने कहा, ‘लोग सवाल खड़ा करेंगे, आप मलाई खाते रहे. लेकिन सच्चाई ये है कि 5 साल तक दलित वंचित पिछड़ों के लिए इस सरकार में कुछ नहीं किया गया. मैं पूरे समाज से चर्चा करने के बाद आगे के बारे में निर्णय लूंगा. जो भी समाज कहेगा, मैं उस पर निर्णय लूंगा.’
केशव प्रसाद मौर्य की पुनर्विचार की अपील
दारा सिंह चौहान (Dara Singh Chauhan) के पार्टी से इस्तीफे के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है. हालांकि चौहान ने इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट करके कहा, ‘परिवार का कोई सदस्य भटक जाये तो दुख होता है. जाने वाले आदरणीय महानुभावों को मैं बस यही आग्रह करूंगा कि डूबती हुई नांव पर सवार होने से नुकसान उनका ही होगा. बड़े भाई श्री दारा सिंह जी आप अपने फैसले पर पुनर्विचार करिए.’
परिवार का कोई सदस्य भटक जाये तो दुख होता है जाने वाले आदरणीय महानुभावों को मैं बस यही आग्रह करूँगा कि डूबती हुई नांव पर सवार होनें से नुकसान उनका ही होगा
बड़े भाई श्री दारा सिंह जी आप अपने फैसले पर पुनर्विचार करिये
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) January 12, 2022
स्वामी प्रसाद मौर्य भी छोड़ चुके हैं पार्टी
बता दें कि इससे पहले बीएसपी से बीजेपी (BJP) में आए और 5 साल तक योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य भी बीजेपी छोड़ने का ऐलान कर चुके हैं. पार्टी से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की, जिसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. हालांकि उन्होंने अभी औपचारिक रूप से एसपी ज्वॉइन करने की घोषणा नहीं की है.
कुछ और विधायकों ने भी किया ऐलान
स्वामी प्रसाद मौर्य के ऐलान के बाद उनके समर्थक तीन और विधायकों ने भी बीजेपी छोड़ने की घोषणा कर दी. इस मुद्दे पर बीजेपी (BJP) के शीर्ष नेता फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं. हालांकि कुछ नेताओं का कहना है कि काम की परफॉर्मेंस के आधार पर इस बार कुछ विधायकों के टिकट काटे जाने हैं. ऐसे में जिन्होंने पूरे 5 साल कोई काम नहीं किया, अब उन नेताओं में भगदड़ मची है. उन्होंने दावा कि इस भगदड़ से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा बल्कि वह और मजबूत होकर उभरेगी.
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