- शास्त्रीय संगीत के विभिन्न घरानों का सम्मेलन राग रंग कार्यक्रम के दूसरे दिन हुआ भव्य आयोजन
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के अन्तर्गत संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ, धर्मार्थ कार्य विभाग, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय राग रंग कार्यक्रम के द्वितीय दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ ग्वालियर घराने की प्रतिनिधि कलाकार डॉ० शिवानी शुक्ला के गायन से हुआ। पद्मश्री से सम्मानित डॉ० राजेश्वर आचार्य के शिष्य परम्परा की योग्य कलाकार शिवानी शुक्ला ने राग जोग में निबद्ध रचना की विलम्बित एवं मध्य लय में प्रस्तुति दी तत्पश्चात् तराना की प्रस्तुति दी। उनको तबले पर बनारस घराने के वरिष्ठ कलाकार पंडित नन्द किशोर मिश्र, हारमोनियम पर डॉ पंकज शर्मा एवं तानपुरे पर सुश्री राजश्री नाथ एवं उजाला तिवारी ने सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम के द्वितीय कड़ी में किराना घराने के प्रतिनिधि, विख्यात गायक कलाकार पंडित जयतीर्थ मेउंडी ने स्वर रस धार बहायी। उन्होंने राग यमन कल्याण में निबद्ध विलम्बित एवं मध्य लय की रचना गा कर सुनाया, तत्पश्चात् रचना “जय जगदीश्वरी माता सरस्वती” गा कर आध्यात्मिक सेतु का निर्माण किया। उनको तबले पर पंजाब घराने के युवा प्रतिनिधि कलाकार यशवंत वैष्णव एवं हारमोनियम पर तन्मय देवचके ने सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति में विश्वविख्यात मोहनवीणा वादक, ग्रेमी अवार्डी एवं पद्मभूषण से सम्मानित पंडित विश्वमोहन भट्ट ने मंच सम्भाल।

उन्होंने “वन्देमातरम्” एवं “वैष्णव जन तो तेने कहिये” से मंच प्रस्तुति आरम्भ किया, तत्पश्चात् राग श्याम कल्याण की अवतारणा की ऊर्जा एवं गति युक्त प्रस्तुति दी। तबले पर बनारस घराने के प्रतिभाशाली एवं ऊर्जावान कलाकार अभिषेक मिश्र ने कुशल सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति में बनारस घराने की गायकी परम्परा का प्रतिनिधित्व करते हुए पद्मश्री से सम्मानित मालिनी अवस्थी ने मंच सम्भाला। उन्होंने बनारस की विशुद्ध रचनाओं को गा कर सुनाया।

राग मिश्र खमाज में निबद्ध ठुमरी गाकर प्रस्तुति आरम्भ किया, तत्पश्चात् दादरा, टप्पा एवं सोहर की प्रस्तुति के माध्यम से आयोजन की श्री वृद्धि की।
उनको तबले पर पंडित रामकुमार मिश्र, संवादिनी पर पंडित धर्मनाथ मिश्र एवं सारंगी पर उस्ताद मुराद अली ख़ां ने सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम का समापन पद्मश्री पं० येल्ला वेंकटेश्वर राव के कर्नाटक वाद्यवृंद की शानदार प्रस्तुति से हुआ।

अतिथियों का स्वागत पद्मश्री डॉ० राजेश्वर आचार्य के किया। कार्यक्रम का संयोजन प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी डॉ० सुभाष चन्द्र यादव एव उ० प्र० संगीत नाटक अकादमी के सचिव श्री तरूण राज तथा संचालन सौरभ चक्रवर्ती ने किया। इस अवसर पर पद्मश्री रजनीकांत, डॉ० लवकुश द्विवेदी, डॉ० मन्नू यादव आदि बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के संयोजन में अखिलेश यादव, प्रशान्त यादव, प्रशान्त राय, अभिषेक राय, अंगिका मिश्रा, श्रुति प्रकाश, अतुल कुमार, शिवम आदि ने सहयोग प्रदान किया।

