अनपरा, सोनभद्र। नव वर्ष के उपलक्ष में अनपरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक आरसी श्रीवास्तव द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि कम संसाधन व क्रिटीकल समस्या होने के बावजूद भी पिछले वर्ष अपने कर्मठ कर्मियों के ईमानदारी और मेहनत के बदौलत निरंतर बिजली उत्पादन का रिकॉर्ड उत्पादन करता रहा। विदेशी अतिथि गृह में अपने अधिकारियों के साथ सीजीएम ने पत्रकारों को बताया कि संसाधनों की कमी, व्रत- त्यौहार, चुनाव व उत्पादन के दबाव को झेलते हुए भी ए बी डी परियोजना से लगातार निर्बाध गति से बिजली का उत्पादन किया गया । जबकि 10 वर्षों से मरम्मत का कार्य लंबित है, तब भी कभी-कभी हम बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एनटीपीसी व अन्य परियोजनाओं से ऊपर हो जाते रहे। आसपास के सीमेंट फैक्ट्री ना होने के वजह से सूखी राख को हम रोड से नहीं भेज पाते जितना भेजना चाहिए। एनसीएल के खदान में राख डालने की हमारी बात चल रही है। प्रदूषण कम करने के लिए राज्य सरकार स्तर से जो भी कार्य चल रहा है उसे क्रियान्वयन करने के लिए निरंतर प्रयास योजना स्तर से जारी है ।हमारे अनपरा परियोजना के यूनिट में प्रदूषण कम करने के लिए एपीजीपी लगाने की प्रक्रिया भी चल रही है, ताकि प्रदूषण को कम से कम किया जाए। सरकारी परियोजना होने के नाते हम समय पर कोई निर्णय नहीं ले सकते। इसके लिए गाइडलाइन बने हुए हैं ।उससे हम बाहर नहीं जा सकते ।उन्होंने कहा एनटीपीसी या अन्य पावर परियोजना का बिजली का उत्पादन वाला लागत तुरंत प्राप्त हो जाती है। हमारे निगम को 2 से 3 साल तक उत्पादन बिजली के कीमत मिलने में देरी हो जाती है। जिससे निगम को पैसे की परेशानी होती है। समय पर परियोजना को धन नहीं मिल पाने के कारण कई काम देरी से शुरू होता है। इस अवसर पर परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक आरसी श्रीवास्तव के अलावे इंजीनियर प्रफुल्ल गुप्ता, इंजीनियर राधे मोहन, इंजीनियर जेपी कटियार, इंजीनियर अजय कुमार, इंजीनियर आरके अग्रवाल, इंजीनियर कर्मेन्द्र सिंह, इंजीनियर आर सी मल, इंजीनियर संजय महतो आदि अधिकारी उपस्थित रहे।


