वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम लोकार्पण के उपलक्ष्य में इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र क्षेत्रीय कार्यालय, वाराणसी, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, उ०प्र० राज्य पुरातत्व विभाग, उ०प्र० संग्रहालय निदेशालय (संस्कृति विभाग) एवं जिला प्रशासन, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय सनातन परम्परा” विषय पर छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन संरक्षित स्मारक गुरुधाम मन्दिर परिसर, वाराणसी में किया गया है। प्रदर्शनी दिनांक 23-30 दिसम्बर, 2021 तक प्रातः 10.30 बजे से सांय 5.00 तक आमजन के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।

प्रदर्शनी में काशी के साथ-साथ देश के प्रमुख मन्दिरों, मूर्तियों, चित्रकला आदि के लगभग 100 से अधिक प्रदर्श प्रदर्शित किये गये है। भारत के सनातन परम्परा, शाक्त परम्परा, मठ परम्परा पर चित्रों के माध्यम से विस्तार से प्रकाश डाला गया है। इस अवसर पर एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें अतिथियों ने अपनी विरासतीय परम्परा को भावी पीढ़ी के माध्यम से संरक्षित करने पर बल दिया। इनके संरक्षण हेतु सभी स्मारकों आदि को आमजन के जीवन से जोड़कर उसे व्यावहारिक रूप से प्रस्तुत करने की बात कही गयी। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक एवं वरिष्ठ कलाकार, प्रो० सुरेश शर्मा, प्रो० मारुतिनन्दन तिवारी, प्रो० सीताराम दूबे, अशोक कपूर, डॉ० लवकुश द्विवेदी, निदेशक अयोध्या शोध संस्थान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

अतिथियों का स्वागत डॉ० सुभाष चन्द्र यादव, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, वाराणसी तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो० विजय शंकर शुक्ल, निदेशक, इन्दिरा गांधी कला केन्द्र, वाराणसी ने किया प्रदर्शनी का संयोजन प्रो० विजय शंकर शुक्ल, डॉ० सुभाष चन्द्र यादव एवं डॉ० अभिजीत दीक्षित ने किया। इस अवसर पर प्रो० सुमन जैन, डॉ० उषा शुक्ला, डॉ० रजनीकान्त पाण्डेय, डॉ० एस०पी० पाण्डे, डॉ० ओम प्रकाश सिंह, डॉ० राजेश कन्नौजिया, अनुराग सिंह, डॉ० सुजीत चौबे, मंजरी तिवारी, अदिती गुलाटी, डॉ० ज्योति सिंह, मनोज कुमार, कुमार आनन्द पाल, प्रदीप कुमार सहित आदि लोग बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

