• एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर) ने प्लांट का किया निरीक्षण
मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी
सोनभद्र। नगर निगम से संग्रहित कचड़े के निस्तारण हेतु करसड़ा में स्थापित एम एस डब्ल्यू प्लांट का निरीक्षण एनटीपीसी लिमिटेड के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर) देबाशीष सेन ने किया।
उन्होंने सर्वप्रथम म्यूनिसिपल सालिड वेस्ट प्लांट (एम एस डब्ल्यू संयंत्र) का निरीक्षण किया जहां कचड़े से आर्गेनिक खाद का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने उक्त खाद के शत प्रतिशत निस्तारण हेतु प्रचार-प्रसार करने के लिए संबंधित एजेंसी को निर्देशित किया।
करसड़ा में यह एमएसडब्ल्यू संयंत्र वाराणसी नगर निगम द्वारा स्थापित है और इस संयंत्र के संचालन और रखरखाव (ओ एंड एम) की जिम्मेदारी सीएसआर के तहत एनटीपीसी द्वारा किया जाता है।

इस संयंत्र में प्रतिदिन 600 टन ठोस अपशिष्ट को संसाधित करने की क्षमता है परन्तु वाराणसी नगर निगम द्वारा प्रतिदिन लगभग 800 टन अपशिष्ट प्राप्त होता है। एम एस डब्ल्यू प्लांट को पूरी क्षमता के साथ तीनों शिफ्ट में संचालित करके क्षमता से अधिक सभी अपशिष्ट को निस्तारित किया जा रहा है।
इसी परिसर में ही एनटीपीसी द्वारा वेस्ट टू इनर्जी (कचड़े से विद्युत उत्पादन) संयंत्र की स्थापना की गई है । श्री सेन ने वेस्ट टू इनर्जी प्लांट का भी निरीक्षण किया तथा कचड़े से बिजली बनने तक की पूरी प्रक्रिया को देखा, जहां प्रतिदिन 24 टन कचड़े का निस्तारण होता है।
श्री सेन ने एनटीपीसी द्वारा किए जा रहे सैनिटरी लैंडफिल के निर्माण के काम की प्रगति की भी निगरानी की और काम की गति को तेज करने के लिए निर्देशित किया।


उन्होंने रमना में वाराणसी ग्रीन कोयला परियोजना के साइट का भी दौरा किया जहां एनवीवीएन (एनटीपीसी की सहायक कंपनी) के माध्यम से ठोस अपशिष्ट को टोरिफाइड चारकोल में बदलने के लिए एक संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।
इस अवसर पर एनटीपीसी के वरिष्ठ प्रबंधक सत्यम द्विवेदी, आशीष रंजन और सहायक प्रबंधक राधेश्याम सिंह, आशीष रंजन और एक्सेल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के लक्ष्मण सिंह शेखावत उपस्थित रहे।
क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक ने अदानी समूह द्वारा विकसित शाहंसाहपुर में जैविक गैस संयंत्र का भी दौरा किया और पर्यावरण हित में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
