- सोनभद्र के 5 साहित्यकारों की पुस्तके हुई विमोचित
- शेख जैनुलाब्दीन को जैनुल आब्दीन को दिया गया मुनीर बख्श आलम सम्मान।
- कवि गोष्ठी में वही काव्य रसधार।
हर्षवर्धन केसरवानी
सोनभद्र। रविवार को असुविधा हिन्दी साहित्यिक पत्रिका परिवार के तत्वावधान में नगर पालिका परिषद के सभागार में पांच पुस्तकों का लोकार्पण सम्पन्न हुआ ।
मंचासीन अतिथियों को असुविधा परिवार के सदस्य एवं विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी ने माल्यार्पण कर अंग वस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में प्रख्यात शायर मरहूम मुनीर बख्स आलम की कृति “हम रहें न रहें” का लोकार्पण तथा प्रथम आलम स्मृति सम्मान गाजीपुर से आये वरिष्ठ साहित्यकार शेख जैनुल आब्दीन को ग्यारह हजार रुपया, स्मृतिचिन्ह ,अंग वस्त्रम व दर्जनों साहित्यिक कृतियां प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार, शिक्षाविद डा० अर्जुनदास केशरी, संचालन असुविधा के सम्पादक वरिष्ठ कथाकार व साहित्यकार रामनाथ शिवेन्द्र ने किया।

संगोष्ठी में असुविधा के सम्पादक व कथाकार रामनाथ शिवेन्द्र की कृति धरती कथा व आदिवाशी पक्ष और समय तथा साहित्यकर अमरनाथ अजेय की पुस्तक “लोक का आलोक” एवं शहीद प्रबन्धन ट्रस्ट करारी द्वारा प्रकाशित डा० वीरेन्द्र प्रकाश सिंगला की कृति “प्रेरणा” का लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम में रामनाथ शिवेंद्र की विमोचित कृतियों की समीक्षा वाचन विंध्य संस्कृति समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी द्वारा
किया गया।

कार्यक्रम विशिष्ट अतिथि डा० वी सिंह, ओम प्रकाश त्रिपाठी, समाजसेवी इन्द्रदेव सिंह, महेशानंद भाई, नरेन्द्र नीरव, व्योमकेश शुक्ला, ओम प्रकाश पाठक ने विचार व्यक्त किया।
द्वितीय सत्र में शायर अशोक तिवारी के संचालन में कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें कवियों का माल्यार्पण एवं अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
काव्य गोष्ठी में रामनाथ शिवेन्द्र, पारसनाथ मिश्र, नरेन्द्र नीरव, जगदीश पंथी, ईश्वर विरागी, राकेश शरण मिश्र, दीपक कुमार केसरवानी, प्रदुम्न त्रिपाठी, विकास वर्मा, प्रभात सिंह चन्देल, दिलीप सिंह दीपक, अरुण तिवारी, दिवाकर द्विवेदी मेघ, सरोज सिंह, कमल नयन तिवारी, आनन्द पाण्डेय, दयाराम दयालु, धर्मेश चौहान, कवियित्री कौशिल्या देवी ने एक से बढ़कर एक बेहतरीन रचनाओं को सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया गया।
इस अवसर पर डा० कुसुमाकर श्रीवास्तव,आशुतोष कुमार, सुरेश तिवारी, इमरान बख्सी, आलोक सिंह, राम विलास सहित सैकड़ों साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

