वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के अंतर्गत संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं धर्मार्थ कार्य विभाग उत्तर प्रदेश के सहयोग से राजेंद्र प्रसाद घाट पर भजन संध्या का आयोजन 12 दिसंबर से 21 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में भजन संध्या के प्रथम दिन गायक पंडित सुखदेव मिश्रा द्वारा सुंदर प्रस्तुति की गई। इनके साथ वायलिन पर, पं. अंशुमान महाराज सरोद पर, श्रुतिशिल उध्दव तबला पर, विनोय मुखर्जी डर्म पर, निपेद्र कुमार गिटार पर रहे।

गायक पंडित सुखदेव मिश्रा ने सर्व प्रथम गंगा अवतरण राग बसन्त मुखारी मे,तत् पश्चात अभोगी मे शिव भक्ति का भजन एवं लागी तोसे नैन की प्रस्तुति बहुत ही सराहनीय रही। भजन संध्या में दूसरी प्रस्तुति रही डॉ० मधुमिता भट्टाचार्या के भजन गायन की इनके साथ तबले पर पंकज राय एवं हारमोनियम पर इंद्रदेव चौधरी ने साथ दिया।

वही भजन संध्या में तीसरी प्रस्तुति प्रसिद्ध भजन गायिका तृप्ति शाक्या प्रयागराज की रही। इनके द्वारा भजन गायन का आरम्भ सत्यम शिवम सुंदरम.. से किया। इसी क्रम में काशी वाले हे विश्व नाथ बाबा तेरी महिमा है सबसे निराली… सहित आदि शिव भजनों की प्रस्तुति किया गया।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ० लवकुश द्विवेदी, निदेशक अयोध्या शोध संस्थान द्वारा एवं कार्यक्रम में सहयोग अतुल सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सौरभ चक्रवर्ती ने किया।

