वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के अन्तर्गत संस्कृति विभाग द्वारा विगत 01 दिसम्बर, 2021 से कराये जा रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रृंखला में शनिवार को मैदागिन से बुलानाला, चौक, श्री काशी विश्वनाथ प्रवेश द्वार, गौदौलिया होते हुये डेढसी पुल तक भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। शोभा यात्रा में सनातन परम्परा के सभी भाव पक्ष को दृश्यमान किया गया। इसके साथ ही काशी की सांस्कृतिक समृद्धि को समीकृत करते हुये सभी धर्मो, सम्प्रदायों के साथ-साथ विभिन्न ऐतिहासिक व्यक्तित्व पर आधारित झाकियाँ सम्मिलित रही।

काशी पुराधिपति के भव्य धाम के लोकार्पण के अवसर पर उत्सवयी माहौल में आयोजित इस शोभा यात्रा में भगवान शिव के विविध रूप, श्री राधाकृष्ण अन्य देवी-देवताओं के अतिरिक्त महारानी लक्ष्मी बाई, महाराणा प्रताप आदि के शौर्य पर आधारित झाकियाँ भी प्रदर्शित हुयी। इसके अतिरिक्त 51 लोगों द्वारा शंख घोष, 11 नदियों का पवित्र जल सहित अनेक बैण्ड बाजा, लॉग विमान, रथ, घोड़े, बग्धी, बैलगाड़ी, ट्रैक्टर आदि पर नृत्य, वादन एवं गायन करते हुये लगभग 3 किलोमीटर लम्बी इस शोभा यात्रा में काशी की गौरव शाली सांस्कृतिक समृद्धि की झलक प्रदर्शित हुई।

विशाल शोभा यात्रा का शुभारंभ डॉ० नीलकंठ तिवारी, मा० राज्य मंत्री, ( स्वतंत्र प्रभार), संस्कृति, पर्यटन, धर्मार्थ कार्य एवं प्रोटोकाल, उ०प्र० ने शिव स्वरूप पर पुष्पवर्षा कर किया। इस आयोजन में शहर के सभी सांस्कृतिक समितियों के विद्वानो ने सहयोग किया एवं स्थान-स्थान पर शोभा यात्रा में सम्मिलित लोगों का पुष्प वर्षा और जलपान से उनका स्वागत किया गया।

शोभायात्रा का संयोजन डॉ० सुभाष चन्द्र यादव, प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र, वाराणसी एवं महासचिव शिव बारात समिति के दिलीप सिंह, जगदम्बा तुलस्यान, अध्यक्ष शिव बारात समिति ने किया। आयोजित शोभा यात्रा में डॉ० लवकुश द्विवेदी, निदेशक, अयोध्या शोध संस्थान, अयोध्या, श्री अनूप जायसवाल, सांड बनारसी, आर० के० चौधरी, बदरूद्दीन, मुकुन्द लाल टण्डन, पवन खन्ना, महेश माहेश्वरी, संदीप केशरी श्री राम जायसवाल सहित हजारों लोग सम्मिलित रहे।

