वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के उपलक्ष्य में संस्कृति विभाग उ०प्र० द्वारा संस्कृति मंत्री के निर्देशन पर भजन संध्या की श्रृंखला का आयोजन के दसवे दिन आदि केशव मंदिर में भजन संध्या का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में गायक गौरव मिश्रा, सह गायिका नैना मिश्रा, पैड पर प्रदीप, सितार पर ध्रुव नाथ मिश्रा एवं तबला वादक मंगला प्रसाद का माल्यार्पण किया गया।

इस अवसर पर मंदिर से जुड़े लोगों के साथ बड़ी संख्या भक्तजन भजनो के रस में डूबे रहे। गायक गौरव मिश्रा ने हे गोविंद राखो शरण… से प्रारंभ किया। दीनन दुख हरण देव, रघुवर तुमको मेरी लाज …….. जैसे कई भजनों से लोग भक्ति के रस में डूबे रहे। कौन ठगवा नगरिया लूटल हो…..”से उन्होंने अपनी प्रस्तुति को विराम दिया। कार्यक्रम के दौरान भावना, सोनी, आयुषी, राजन, संजय, विनय, मनोज, शनि, शिवम, वैभव, सर्वोत्तम, सहित बड़ी संख्या में पुरुष और महिला भक्तों ने भगवान शिव के भक्ति रस का आनंद लिया।

भजन संध्या श्रृंखला के इस क्रम में श्री महालक्ष्मी माता मंदिर, लक्ष्मी कुण्ड, लक्सा में गायिका सुमन अग्रहरि द्वारा भजन गायन की प्रस्तुति की गई। इनके साथ तबला पर मोती लाल, बैंजो पर दीनानाथ, पैड पर विवेक ने साथ दिया। भजन गायन का आरम्भ श्री गणेश बंदना से किया जिसके बोल थे गणपति राखो मेरी लाज…, इसके उपरांत शिव स्तुति, इसी क्रम में हे लक्ष्मी मा….,जय संतोषी मा…, निमिया की डार मईया.., जय काली जय काली….आदि विभिन भजनों का गायन किया गया। वही सभी कलाकारों को मंदिर के पुजारी पंकज द्वारा माला एवं माता की चुनरी प्रदान कर सम्मानित किया गया।

भजन संध्या का संयोजन प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी डॉ० सुभाष चन्द्र यादव के नेतृत्व में डॉ० हरेंद्र नारायण सिंह, श्री अतुल कुमार सिंह, विकास सिंह आदि के द्वारा संपादित किया गया।
