वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के उपलक्ष्य में संस्कृति विभाग उ०प्र० द्वारा संस्कृति मंत्री के निर्देशन भजन संध्या की श्रृंखला का आयोजन के नवें दिन गैबीश्वर नाथ मंदिर, छोटी गैबी में भजन संध्या के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में गायक गीतांजलि मौर्या, पैड पर अमन मौर्या, कीबोर्ड पर संतोष मौर्या एवं तबला वादक रामाशीष पाठक का माल्यार्पण यश भारती विष्णु यादव एवम राजीव गौड़ द्वारा किया गया।

इस अवसर पर मंदिर जुड़े लोगों के साथ बड़ी संख्या में भक्त जन भजनो के रस में डूबे रहे। गायिका गीतांजलि ने शिवकांत शम्भू वंदना… से प्रारंभ किया। ओम नमः शिवाय, हरि ओम नमः शिवाय …, ऐसी सुबह न आये, आये न ऐसी शाम……… , शंकर प्रलयंकर तुझसे ये गुहार है….. जैसे कई भजनों से लोग भक्ति के रस में डूबे रहे। राम का गुणगान करे…..”से उन्होंने अपनी प्रस्तुति को विराम दिया। कार्यक्रम के दौरान अजय गुप्ता, श्रीकृष्ण, राहुल, प्रदीप सहित बड़ी संख्या में पुरुष और महिला भक्तों ने भगवान शिव के भक्ति रस का आनंद लिया।

भजन संध्या के इस क्रम में कर्दमेश्वर मंदिर कंदवा में गायिका सरोज वर्मा द्वारा भजन गायन की प्रस्तुति किया गया। इनके साथ तबला पर बृजेश प्रजापति, हारमोनियम पर अरुण अस्थाना, साइड रिदम पर सूरज ने साथ दिया। गायन का आरम्भ शिव भजन से किया जिसके बोल थे डिमिक डिमिक डमरू कर बाजे। इसके उपरांत राम भजन जिनके बोल थे राम लखन दोनों भैया अवध के रहवईया….। इसी क्रम में देखो राजा बने महाराज राम आज राजा बने… , गंगा द्वारे बधइया बाजे…. सहित आदि भजनो की प्रस्तुति किया गया।
भजन संध्या का संयोजन प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी डॉ० सुभाष चन्द्र यादव के नेतृत्व में डॉ० हरेंद्र नारायण सिंह, श्री अतुल कुमार सिंह, विकास सहित आदि के द्वारा संपादित किया गया।
