राम अनुज धर द्विवेदी
सोनभद्र। युवा समाजसेवी नीतीश कुमार चतुर्वेदी ने बुधवार को आयुक्त महोदय के कार्यालय जाकर एक पत्र दिया। जिसमें कहा गया है कि जनपद सोनभद्र एक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है एवं प्रदेश के अति पिछड़े जिलों में आता है यहां स्वास्थ्य विभाग में पिछले 17 वर्षों से एक ही जिले में तैनात मलेरिया निरीक्षक श्री प्रवीण कुमार सिंह अपने क्षेत्र में कभी नही आते है और न ही उसके द्वारा मलेरिया संचारी रोग डेंगू एवं वेक्टर बोर्न डिजीज से सम्बंधित कार्य ही किया जाता है।

वर्तमान में म्योरपुर ब्लाक के मकरा सिंदूर में 50 से अधिक मौतें हो चुकी है एवं 100 से अधिक लोग जिला अस्पताल एवम जनपद के विभिन्न हॉस्पिटलों सहित BHU वाराणसी तक एडमिट है। जब मलेरिया निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह सीएमओ के साथ क्षेत्र में गए तो वहां के ग्रामीणों ने इनको दौड़ा लिया पिछले दिनों इन्ही के कार्यक्षेत्र के एक स्टोर में इनके द्वारा रखी गयी 34 बोरी एक्सपायर डीडीटी पाई गई थी।जिसकी जांच तहसीलदार एवं सदर एसडीएम द्वारा की गई ।

उक्त डीडीटी छिड़काव हेतु रखी गयी थी परंतु मलेरिया निरीक्षक के अपने क्षेत्र में न जाने के कारण वह डीडीटी एक्सपायर हो गयी एवं छिड़काव का फर्जी बिल बनाकर भुगतान भी करा लिया गया।तहसीलदार ने इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी महोदय को दे दी लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई।
श्री प्रवीण कुमार सिंह अपने क्षेत्र में न जाकर सीएमओ के आवास से ही अपना कार्यालय चलाते है और कर्मचारियों अधिकारियों का ट्रांसफर,पोस्टिंग,बाजार मूल्य से अधिक डर पर सामानों का क्रय,भंडारण एवम बिलो का सत्यापन स्वयं ही करने का काम करते है।साथ ही ट्रेजरी में बिल लगाने का कार्य भी स्वयं इनके द्वारा ही किया जाता है।

हाल ही में जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर नेम सिंह के दो वर्षों 2017-2019 का वेतन लगभग 63 लाख बिना शासन के स्वीकृत किये आहरित कर लिया गया ।जब इनसे पूछा जाता है कि आप अपने कार्यक्षेत्र में क्यो नही जाते है तो कहते है कि मेरी पहुंच ऊपर तक है और सीएमओ साहब ने मुझे अपने बंगले पर लगा रखा है ।सीएमओ साहब के खुली वरदहस्त पर यह खुलेआम जनपद में स्वास्थ्य कर्मियों का शोषण करते है।इनके द्वारा कहा जाता है कि स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कार्य होता है तो सीडीओ और डीएम मुझे ही फ़ाइल लेकर बुलाते है सरकारी गाड़ियों में डीजल व पेट्रोल कुछ पत्रकार एवं कुछ नेताओं को ख्श करने के लिए उन्हें सरकारी डीजल और पेट्रोल भी देते है और इस प्रकार सरकारी धन का द्रुपयोग भी हो रहा है।

अगर डीजल के लाट बुक एवम मलेरिया स्टोर की औचक जांच करा ली जाय तो सब स्पष्ट हो जाएगा। प्रवीण कुमार सिंह सभी खरीददारी अपने चहेते फर्म श्री बालाजी इंटरप्राइजेज लखनऊ और उन्ही के कई फर्मों से कोटेशन के माध्यम से क्रय करते है उदाहरण के तौर पर मलेरिया कार्ड रु 86.24 टायफाइड कार्ड रु 89.60 डेंगू कार्ड रु 369.60 आदि बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दर पर क्रय किया गया।उपरोक्त के संदर्भ में कई बार शिकायत की गई परंतु अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई।जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है।

महोदय यही भी अवगत कराना हक की विगत 20 दिनों में हुई मकरा सिंदूर में लगभग 50 से अधिक मौतों एवम करीब 100 से अधिक बीमार जो हॉस्पिटल में भर्ती है जिस पर स्वाथ्य विभाग पूरी तरह लापरवाह बना है यहां तक कि अज्ञात कारण बताया जा रहा है फिर भी किसी ब्यक्ति का पीएम नही कराया गया। युवा समाजसेवी ने उपरोक्त तथ्यों को संज्ञान में लेकर समुचित कार्यवाही की मांग किया।
