वाराणसी: अस्सी घाट के जगन्नाथ मंदिर एवम सेनापति बनकटी हनूमान मन्दिर में हुआ भजन संध्या का आयोजन

वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के उपलक्ष्य संस्कृति विभाग उ०प्र० द्वारा संस्कृति मंत्री के निर्देशन पर भजन संध्या की श्रृंखला के आयोजन के सातवें दिन अस्सी घाट के जगन्नाथ मंदिर में भजन संध्या का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में गायक बाबुल श्रीवास्तव एवं तबला वादक राजीव झा, की बॉर्ड पर चंद्रकांत, पैड पर सूरज का माल्यार्पण मंदिर के पुजारी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मंदिर जुड़े लोगों के साथ बड़ी संख्या भक्त जन भजनो के रस में डूबे रहे। गायक बाबुल ने मंगलदाता बुद्धिविधाता… से प्रारंभ किया। प्रभु अपने दर से …, जो प्रेम गली में आया नही………., न जाने कौन से गुण पर ….. जैसे कई भजनों से लोग भक्ति के रस में डूबे रहे। न जी भर के देखा…..”से उन्होंने अपनी प्रस्तुति को विराम दिया।

इस क्रम मे श्री सेनापति बनकटी हनूमान मन्दिर में भजन संध्या का आयोजन सम्पन्न हुआ जिसमे अग्रसेन कन्या पी जी कॉलेज की अस्सिस्टेंट प्रोफेसर डॉ० शिवानी शुक्ला ने हनुमत दरबार में साथी कलाकारों के साथ स्वरांजलि अर्पित की। इनके साथ तबला संगति रही डॉ० अमित ईश्वर की एवं हारमोनियम पर साथ दिया कुमार विक्की ने। ऑर्गन पर मधुर संगति रही सतीश की। गायन में सहयोग रहा आपकी शिष्या प्रिया गुप्ता का।

शिवानी ने गायन का आरंभ किया भगवान हनुमान के आराध्य प्रभु श्री राम नाम की महिमा पर आधारित रूपक ताल में निबद्ध पदों के गायन से जिसके बोल थे जय राम रूप अनूप निर्गुण इसके उपरांत शिवानी ने अपने गुरु प्रभावरंग जी की रचना सुनाकर भक्ति की रसधार प्रवाहित किया बोल थे हनुमत राम नाम के जोगी। इसी क्रम में अगली रचना के रूप में अपने गुरु प्रभावरंग जी द्वारा स्वरबद्ध सुमिर पवनसुत पावन नामु से हनुमत स्मरण की महिमा का बखान किया ।

स्वरांजलि के क्रम को विस्तार देते हुए हनुमान अवतार का वर्णन करते हुए हनुमान जी की कृपा की मंगलमयता को स्वर दिया बोल थे : मंगल की जन्मे मंगल ही करते साथ ही हनुमान जी महाराज के तेज बल प्रताप के अदभुत प्रभावपूर्ण सीता माता जी की खोज के प्रसंग को अपने कंठ से अभिव्यक्ति किया जिसके बोल थे सीता के खोज में भाई चलो देखे वीर हनुमान। इससे पूर्व आरम्भ में कलाकारों को प्रसाद एवं माल्यार्पण के माध्यम से मंदिर के महंत गया प्रसाद मिश्र ने भगवान बनकटी का आशीर्वाद प्रदान किया।

Advertisement (विज्ञापन)

भजन संध्या का संयोजन प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी डॉ० सुभाष चन्द्र यादव के नेतृत्व में डॉ० हरेंद्र नारायण सिंह, अतुल कुमार सिंह, प्रदीप कुमार आदि के द्वारा संपादित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रोता उपस्थित थे।

संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

Sanskriti Live is a news website. Where you can read news related to religion, literature, art, culture, environment, economic, social, business, technology, crime, agriculture etc. Our aim is to provide you with correct and accurate information. This news website is operated by Sanskriti Live News Network (OPC) Pvt. Ltd. If you want to join us, you can contact us on 7007390035 or info@sanskritilive.in.

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें