वाराणसी। काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के उपलक्ष्य में संस्कृति विभाग उ०प्र० द्वारा संस्कृति मंत्री के निर्देशन पर भजन संध्या की श्रृंखला का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को भजन संध्या के चौथे दिन चौक स्थित श्री राम मंदिर में भजन संध्या का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन का प्रारंभ गायक गणेश प्रसाद मिश्र एवं तबला वादक सिद्धांत मिश्रा, सह गायन में शुभ मिश्र का माल्यार्पण मंदिर के पुजारी पारस नाथ मिश्रा द्वारा किया गया।

इस अवसर पर मंदिर से जुड़े लोगों के साथ बड़ी संख्या में भक्त जन भजनो के रस में डूबे रहे। गायक गणेश प्रसाद मिश्र ने अपनी प्रस्तुति पवन तनय संतन हितकारी…. से प्रारंभ किया। फिर आगे जिनके हिय में सिया राम बसे, तीन और के नाम लिए न लिए…, राम भजन कर मन…., सावरिया मन भायो,………….., बनारसी दादरा पग रोके कन्हैया…., डिमिक डिमिक डमरू बाजे……., ….. जैसे भजनों से लोग भक्ति के रस में डूबे रहे। “धन्य भाग सेवा का अवसर पाए…..”से उन्होंने अपनी प्रस्तुति को विराम दिया।

इसी क्रम में श्रीराम मंदिर, खोजवा में गायिका आराधना सिंह द्वारा भजन गायन की प्रस्तुति किया गया। इनके साथ तबला पर गोपाल मिश्रा, ऑर्गन पर संदीप पांडेय, पैड पर अजय दुबे ने संगत किया। गायन का आरम्भ राम भजन से किया जिनके बोल थे यदि त्रेता राम न हो द्वापर घनश्याम न होते….। इसके उपरांत सीता राम सीता राम सीता राम कहिए जाहि विधि राखे राम एवं चोरी चोरी घर मे आये माखन मोरा सारा खाये मटकी फोड़ गये दईया ,दईया हाय सखी रे कन्हैया आदि विभिन्न भजनों की प्रस्तुति किया गया।

भजन संध्या का संयोजन प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी डॉ० सुभाष चन्द्र यादव के नेतृत्व में डॉ० हरेंद्र नारायण सिंह, अतुल कुमार सिंह, प्रदीप कुमार आदि के द्वारा संपादित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।



