वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के उपलक्ष्य संस्कृति विभाग उ०प्र० द्वारा संस्कृति मंत्री के निर्देशन पर भजन संध्या की श्रृंखला का आयोजन का शुक्रवार को तीसरा दिन रहा। भजन संध्या का कार्यक्रम आयोजन शैलकुमारी मंदिर, सरैया में कराया गया। आयोजन का प्रारंभ गायक संतोष कुमार मिश्रा एवं तबला वादक उदय शंकर मिश्रा, सितार पर नीरज कुमार मिश्र, पैड पर बृजेश प्रजापति को मंदिर के पुजारी संतो द्वारा माल्यार्पण कर किया गया।
इस अवसर पर मंदिर के अन्य मुख्य पुजारियों के साथ बड़ी संख्या भक्त जन भजनो के रस में डूबे रहे।

गायक संतोष अपनी प्रस्तुति गणेश वंदना जय गणेश जय गणेश देवा…. से प्रारंभ किया। फिर आगे निमिया के डारी मैया…, श्रीराम जानकी…., जय हो जय बजरंग बली,……..लाली लाली लाल चुनरिया कैसे न मा को भाए………….., आएगा बुलावा मेरे मा के द्वार से…., इहे बा अर्जियां माई……., ….. जैसे भजनों से लोग भक्ति के रस में डूबे रहे। “बम बम बोल रहा है काशी…..”से उन्होंने अपनी प्रस्तुति को विराम दिया।

इस क्रम में दशाश्वमेध घाट स्थित शीतला माता मंदिर में गायिका श्रद्धा पांडे द्वारा की प्रस्तुति किया गया । भजन गायन का आरम्भ निमिया के डार मैया झुलेली झुलनवा हो कि झूमि झूमि ना.. से प्रारंभ किया। तत्पश्चात दूसरी प्रस्तुति जब भक्त नहीं होंगे तो भगवान कहां होगा से किया। इसके उपरांत मलिनीया ले आओ माई खातिर हार
बघवा नाचता….., सुबह शाम आठो याम महादेव सगरी…, बम बम बोल रहा है काशी…,भोरवौ भोरवौ ना.. आदि गीतों की मनोहारी प्रस्तुति किया गया।
इनके साथ तबला पर अनिल राय, ढोलक पर अशोक कुमार गौड़, पैड पर नन्हे सिंह और बैंजो पर जिया राम वर्मा ने संगत किया।
भजन संध्या का संयोजन प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी डॉ० सुभाष चन्द्र यादव के नेतृत्व में डॉ० हरेंद्र नारायण सिंह, श्री प्रदीप कुमार आदि के द्वारा संपादित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रोता उपस्थित थे।



