वाराणसी। काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के उपलक्ष्य में संस्कृति विभाग उ०प्र० द्वारा संस्कृति मंत्री के निर्देशन पर बुधवार को भजन संध्या की श्रृंखला का शुभारम्भ किया गया। प्रथम दिन बड़ा गणेश मंदिर, लोहटिया व चिन्ता हरण गणेश मंदिर, सोनारपुरा में भजन संध्या का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ भगवान श्री गणेश को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर बड़ा गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी प्रदीप त्रिपाठी को सम्मानित किया गया। भजन गायन अमलेश कुमार शुक्ला मंत्रमुग्ध कर देने वाले भजन को गाया गया। गायन उनका साथ बैंजो पर मनोज, पैड पर बाबू, ढोलक पर भोला एवं गीतकार कन्हैया दुबे ने दिया।

इस अवसर पर मंदिर के अन्य मुख्य पुजारी राजेश त्रिपाठी, सुभाष चंद्र त्रिपाठी के साथ बड़ी संख्या में भक्त जन भजनो के रस में डूबे रहे। गायक अमलेश शुक्ला अपनी प्रस्तुति की शुरुआत ख्यात गीतकार कन्हैया दुबे केडी के गीतों से किया। बड़ा गणेश बाबा की महिमा निराली है… से किया। इसके बाद बाबा गणेश ने है बुलाया…, जय-जय अंबे, मां जगदंबे…, दिव्य काशी भव्य काशी, सज रही है अपनी काशी…, हे गणपति पधारो…, तीन लोक से न्यारी काशी, गौरा की ससुराल है काशी…, मिला सबका साथ है, हो रहा है विकास…, बाबा की कृपा छाई है… से उन्होंने अपनी प्रस्तुति को विराम दिया।

इसी श्रृंखला में सोनारपुरा स्थित चिंतामणि गणेश मंदिर में भी भजन संध्या का आयोजन किया गया। गायन जय पांडेय ने अपनी प्रस्तुति से शमा बांध दिया उनके साथ हारमोनियम पर पंकज मिश्रा, तबला पाण्डेय, सह गायन खुशबू गुप्ता ने किया और महंत चल्ला सुब्बाराव ने आगंतुकों का स्वागत किया एवं आयोजन में सहयोग प्रदान किया ।
वही भजन संध्या का संयोजन प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी डॉ० सुभाष चन्द्र यादव ने डॉ० हरेंद्र नारायण सिंह, अतुल कुमार सिंह, प्रदीप कुमार कुमार आनंद पाल, पंचबहादुर आदि के सहयोग से किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।



