म्योरपुर, सोनभद्र। विकास खंड के मकरा गांव में होने वाली मौत को नरसंहार बताते हुए पूर्वांचल नव निर्माण मंच के किसान नेता गिरीश पाण्डेय ने जिलाधिकारी सोनभद्र सहित मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, प्रधानमंत्री भारत सरकार, प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन तथा उत्तर प्रदेश सरकार के मीडिया प्रभारी शलभ मणि त्रिपाठी को उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर टैग करते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को मकरा गांव में होने वाली मौतों की जानकारी देते हुए गरीब आदिवासी समाज की लगातार होने वाली मौतों पर असंवेदनशील स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सुनिश्चित कराते हुए दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की है।

उन्होंने बताया है कि उक्त मकरा गांव में पूर्व में भी कई बार मलेरिया बुखार से लोगों की मौत होती रही हैं। यदि स्वास्थ्य विभाग उक्त गांव में अक्सर फैलते मलेरिया के बाबत हाट स्पॉट चिन्हित करते हुए यदि समय रहते बरसात के मौसम के बाद मलेरियारोधी उपाय यथा एंटी लार्वा व डी डी टी का छिड़काव और मच्छरदानी का वितरण करा दिया गया होता तो शायद इतनी मौतों को रोका जा सकता था। परन्तु स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही इन आदिवासियों पर भारी पड़ गयी और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के नतीजे के रूप में इन्हें असमय अपनी जान गवानी पड़ रही है।

गिरीश पाण्डेय ने जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच कमेटी की जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए यह भी बताया कि अपने उत्तरदायित्वों के प्रति जल निगम से अधिक स्वास्थ्य विभाग असंवेदनशील तथा गैरजिम्मेदार है। यहां आपको बता दें कि जांच रिपोर्ट में मकरा में होने वाली मौतों के पीछे दूषित पानी कारण बताया गया है। गिरीश पाण्डेय ने कहा कि जल निगम के सिर पर ठीकरा फोड़कर स्वास्थ्य विभाग अपना काला दामन साफ करने की नाकामयाब कोशिश कर रहा है। यही वजह है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्यवाही किये जाने की मांग की है।



