वाराणसी। क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई, वाराणसी, उ०प्र० राज्य पुरातत्व विभाग, क्षेत्रीय अभिलेखागार वाराणसी, संस्कृति विभाग तथा इन्टैक, वाराणसी अध्याय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विश्व धरोहर सप्ताह का समापन बृहस्पतिवार को संरक्षित स्मारक गुरुधाम मन्दिर परिसर, वाराणसी में किया गया। समापन समारोह में सप्ताहपर्यन्त आयोजन में छायाचित्र एवं अभिलेख प्रदर्शनी, प्ले विद् क्ले हेरिटेज वॉक, फोटो वॉक, ‘काशी की रामलीला विषय पर व्याख्यान, काशी की रामलीला पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी, चित्रकला कार्यशाला एवं प्रतियोगिता हेरिटेज वालंटियर ट्रेनिंग कार्यशाला, रामायण क्विज आदि विविध प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

सप्ताहपर्यंत आयोजित कार्यक्रमों में वाराणसी के सभी विद्यालयो, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, स्कूलों के लगभग 700 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि रहे प्रसिद्ध मोटिवेशन स्पीकर एवं क्विज मास्टर निर्मल जोशी ने विविध प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मेमोन्टो तथा प्रमाण पत्र प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुये उनको प्रतियोगिताओं में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित किया।

विश्व धरोहर सप्ताह का समापन सांस्कृतिक संध्या से किया गया। पं० राजन-साजन मिश्र की सुयोग्य शिष्या डॉ० शालिनी का गायन हुआ। डॉ० शालिनी ने गायन की शुरूआत राग भीमपलासी विलम्बित एकताल में अब तो बड़ी बेर भई……. तीन ताल में छोटा ख्याल “जा जा रे अपने मन्दरवा राग मधुकौंस तीनताल में – सब जगत के अन्तर्यामी अन्त में ठुमरी राग मिश्र खमाज में सुरतिया देखे नाहीं चैन.. गाते हुये कार्यक्रम का समापन किया।

अतिथियों का स्वागत एवं कार्यक्रम का संयोजन डॉ० सुभाष चन्द्र यादव, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अशोक कपूर, संयोजन इन्टैक, वाराणसी अध्याय ने किया। इस अवसर पर अदिती गुलाटी, प्रशान्त राय, डॉ० ज्योति सिंह, मनोज कुमार, डॉ० हरेन्द्र नारायण सिंह, पंचबहादुर कुमार आनन्द पाल, श्रीकृष्णा, प्रदीप कुमार सहित विभिन्न विद्यालयों के अध्यापक, अध्यापिका, छात्र व छात्रायें उपस्थिति रहें।



